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पुलिस की पाठशाला: एएसपी ने ली बच्चों की क्लास, सोशल मीडिया को लेकर दिए टिप्स, बताया क्या करें, क्या न करें

Sat, 26 Jul 2025 12:46 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

पुलिस की पाठशाला में एएसपी मयंक पाठक आईपीएस ने साइबर अपराध पर दो विशेष बातों पर ध्यान देने पर जोर दिया। पहला अनजान कॉल के बहकावे में आने से बचें। दूसरा किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर रुपयों के लालच से दूर रहें।
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पुलिस की पाठशाला को संबोधित करते हुए एएसपी मयंक पाठक - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ महानगर के डीएस बाल मंदिर स्कूल में 25 जुलाई को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। यहां पुलिस अधिकारियों व साइबर एक्सपर्ट ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध से लेकर उनके बेहतर भविष्य को लेकर टिप्स दिए। कानून की बारीकियों से भी अवगत कराया। विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए सवालों के भी जवाब पुलिस अधिकारी द्वारा दिए गए।

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आयोजन में मुख्य वक्ता एएसपी मयंक पाठक आईपीएस ने साइबर अपराध पर दो विशेष बातों पर ध्यान देने पर जोर दिया। पहला अनजान कॉल के बहकावे में आने से बचें। दूसरा किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर रुपयों के लालच से दूर रहें। इसके अलावा उन्होंने विद्यार्थियों को कॅरियर संबंधी भी बहुत सी जानकारियां दीं।
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उन्होंने कहा कि जीवन में अनुशासन के बिना सफल होने की कल्पना नहीं की जा सकती। शिक्षा ग्रहण करने से ज्यादा जरूरी है शिक्षा का सदुपयोग। अंत में उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए कॅरियर संबंधी सवालों के जवाब भी दिए। इस अवस पर विद्यालय की प्रधानाचार्या रचना गुप्ता ने पुलिस व अमर उजाला टीम का आभार जताया। वहीं अमर उजाला टीम की ओर से सभी को सम्मान चिह्न भेंट किए गए।

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साइबर एक्सपर्ट ने दिए ये टिप्स

जिला पुलिस की साइबर सेल से आए साइबर एक्सपर्ट विपिन कुमार ने बताया कि समझदारी और होशियारी से ही साइबर ठग से बच सकते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान लाइक को अपना समर्थन बिल्कुल न दें। अनजान नंबर से आने वाले वीडियो कॉल भी नहीं उठाने चाहिए। साइबर ठग खुद को पुलिस बताकर उन लोगों का डिजिटल अरेस्ट कर रहे हैं, जो उनकी धमकियों से डर जाते हैं। इसलिए स्वयं जागरूक होना जरूरी है। पुलिस किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है।

उन्होंने बताया कि फेसबुक पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार नहीं करना चाहिए। ईमेल अटैचमेंट के जरिये किसी सॉफ्टवेयर को डाउनलोड न करें। क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की जानकारी वेब ब्राउजर में जमा न करें। ओटीपी किसी के साथ शेयर न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर दें। साथ में व्हाट्सएप में टू स्टेप को अपनाकर अपना डाटा सुरक्षित रखने, ऑनलाइन एकाउंट को हमेशा लॉग आउट रखने, मुफ्त उपहार, प्रस्ताव, संदेश, मेल आदि पर विश्वास न करने संबंधी टिप्स भी दिए।

क्या न करें
  • अपनी व्यक्तिगत तस्वीरें सार्वजनिक रूप से साझा न करें।
  •  ब्राउजर में सोशल मीडिया अकाउंट में लॉग इन करते वक्त लॉग इन या रिमाइंडर मी को चेक न करें।
  • अपनी जन्मतिथि, नाम, मोबाइल नंबर आदि का इस्तेमाल कभी पासवर्ड में न करें।
  • किसी भी पॉपअप विज्ञापन पर गौर न करें।
 
 इस तरह के आयोजन किशोर उम्र बच्चों के लिए जागरूकता के साथ-साथ कॅरियर संबंधी रास्ता दिखाने वाले होते हैं। बच्चे अभिभावक-शिक्षक से तो रोज मिलते हैं। मगर ऐसे आयोजनों में वक्ता नए तथ्य देकर जाते हैं। बच्चों से यही अपील है कि यहां से कुछ न कुछ लेकर जाएं।-मयंक पाठक, एएसपी
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