थाना सिविल लाइन क्षेत्र की जमालपुर पुलिस चौकी में बाइक चेकिंग के दौरान एक युवक को पकड़ लिया गया। पुलिस ने उसको छोड़ने की एवज में दो लाख रुपए मांगे। आरोपी की बहन अपने गहने गिरवी रखकर भाई को छुड़ाने पहुंची। लेकिन पुलिस ने पूरी रकम लाने के बाद ही छोड़ने की बात कही। मामला उच्चाधिकारियों के सामने पहुंचने पर खलबली मच गई। एसएसपी ने चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही पकड़े गये आरोपी को छोड़ दिया गया।
जमालपुर क्षेत्र की रहने वाली एक महिला एसएसपी मुनिराज जी से मिली। उसने बताया कि बुधवार सुबह उस समय पुलिस ने उसके भाई को पकड़ लिया, जब वह अपने भाई के साथ दवा लेने जा रही थी। दो लेपर्ड पर तैनात पुलिसकर्मियों ने एक्टिवा को रोका। आरोप है कि एक्टिवा पर नंबर नहीं थे। तभी पुलिसकर्मियों ने पूछा कि इस पर नंबर क्यों नहीं हैं। भाई ने जवाब दिया कि नया एक्टिवा है नम्बर जल्द लगवा लेंगे। उसके बाद पुलिस ने पेपर मांगे। पुलिस कर्मियों ने युवती के भाई को थाने लेकर जाते हुए कहा कि इसको हम थाने लेकर जा रहे है। तुम गाडी के पेपर लेकर थाने पहुंचो।
आरोप है कि वह जब थाने पहुंची तो पुलिसकर्मियों ने कह दिया कि उसके भाई को थाने भेज दिया गया है। जब वह थाने पहुंची तो कहा कि मामला चौकी पर तैनात पुलिस ही देखेगी। इसी बीच युवती से दो लाख रुपये की मांग की गई। युवती घर में इसी माह होने वाली शादी के जेवरात गिरवी रखकर भाई को छुडवाने पहुंची।
आरोप है कि पुलिस ने जब युवती के हाथ में सिर्फ 50 हजार रुपये देखे तो चौकी इंचार्ज ने वह धनराशि फेक कर मारी। कहा कि जब तक पूरी धनराशि लेकर नहीं आएगी, उसके भाई को नहीं छोड़ा जाएगा। सूचना पर रात्रि में ही एसपी सिटी कुलदीप गुनावत चौकी पहुंचे। एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। साथ ही पकडे गये आरोपी पर कोई अपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था। उसको छोड़ दिया गया है।