सिविल लाइंस पुलिस को खुद की लापरवाही रविवार को फिर भारी पड़ी। दलित किशोरी को दूसरे समुदाय के युवक द्वारा अगवा किए जाने के प्रकरण में ठोस कार्रवाई न होने से खफा परिजनों ने भाजपाइयों व मेयर संग थाने का घेराव करते हुए जमकर हंगामा किया।
इस दौरान सीधे-सीधे इंस्पेक्टर के प्रति आक्रोश जाहिर किया गया और यहां तक आरोप मढ़ दिया कि पुलिस प्रकरण में जानबूझकर लापरवाही बरत रही है। आक्रोश को देखते हुए पहले तो इंस्पेक्टर भाजपाइयों व परिजनों से सामना करने तक को तैयार नहीं थे। बाद में सीओ के पहुंचने पर माहौल सामान्य हुआ। इसके बाद भी इंस्पेक्टर को भाजपाइयों ने जमकर खरीखोटी सुनाई। सीओ ने मध्यस्थता करते हुए तीन दिन का समय दिया है और किशोरी की बरामदगी का भरोसा दिलाया है।
मूल रूप से चौड़ेरे वाली माता मंदिर छतारी बुलंदशहर निवासी 16 वर्षीय दलित किशोरी पिछले माह अपने मौसा के घर सीएमओ कंपाउंड सिविल लाइंस घूमने आई थी। उसके मौसा यहां कमिशभनरी मुख्यालय पर बतौर फालवर सेवारत हैं।
1 जून की रात अचानक किशोरी यहां से गायब हो गई। बाद में पता चला कि किशोरी को मौसा के घर के सामने रहने वाला अजरुद्दीन फुसलाकर अगवा कर ले गया है। इस संबंध में परिजनों ने अजरुद्दीन, उसके पिता जुल्फकार, भाई दिलशाद और उसकी पत्नी के खिलाफ सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज करा दिया। मगर मुकदमे के बाद आज तक पुलिस ने किशोरी बरामदगी को एक कदम आगे नहीं बढ़ाया। परिजनों को शंका थी कि कहीं बेटी संग कोई अनहोनी न हो जाए।
इस मामले में परिजन मेयर के पास मदद के लिए पहुंचे। मेयर शकुंतला भारती, भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, मानव महाजन, पार्षद पुष्पेंद्र सिंह जादौन, यतेंद्र वाईके, अतुल राजाजी आदि भाजपाई काफी संख्या में एकत्रित होकर रविवार को परिजनों के साथ सिविल लाइंस थाने पहुंच गए। जहां इंस्पेक्टर के प्रति आक्रोश जाहिर करते हुए जमकर हंगामा किया। जब इंस्पेक्टर सामने आए तो उन्हें खूब खरीखोटी भी सुनाई।
बीच में आकर सीओ तृतीय राजीव सिंह ने मध्यस्थता करते हुए बात को शांत कराया और परिजनों व भाजपाइयों को आश्वस्त किया कि तीन दिन में किशोरी को बरामद करा दिया जाएगा। तब जाकर करीब एक घंटे के हंगामे व नोकझोंक पर मामला शांत हुआ। सीओ तृतीय राजीव सिंह के अनुसार एक टीम बनाकर संभावित ठिकाने पर आरोपी की बहन के घर बदायूं व अन्य जगहों पर भेज दी गई है। उम्मीद है कि रात में ही सफलता हाथ लगेगी।