कहा लिखकर दो, नहीं तो कार्रवाई हो जाएगी : चाचा
चाचा वीरपाल ने कहा कि उस दिन काफी लंबा जाम था। उसे खुलवाने के लिए वहां कोई पुलिस वाला नहीं था। अंतिम संस्कार करने के बाद पूरे परिवार पर दबाव डाला गया कि लिखकर दे दो नहीं तो कार्रवाई हो जाएगी।
किसी पर कोई दबाव नहीं डाला : रामबाबू सभासद
सभासद रामबाबू बघेल ने बताया कि पीड़ित परिवार ने गांव वालों के सामने ही कहा था कि जाम की कोई बात नहीं थी। बलपूर्वक सहमति पत्र जारी कराने जैसी कोई बात नहीं है। इन लोगों ने जो बयान दिए हैं वह अपनी स्वेच्छा से दिए हैं। इनके ऊपर कोई किसी तरह का दबाव नहीं है।
मैं पिछले दो दिन से बाहर था। वापस आने के बाद इस पूरे घटनाक्रम की पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह पता चलना आवश्यक है कि इस मामले की असल सच्चाई क्या है? - नीरज जादौन, एसएसपी