सोशल मीडिया पर भीड़ हिंसा को लेकर पांच जुलाई को भारत बंद के ऐलान को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। डीएम ने बुधवार को पुलिस एवं प्रशासन के अफसरों की बैठक बुलाकर मामले की समीक्षा की और मजिस्ट्रेट, पुलिस एवं आरएएफ को सतर्क रहने के आदेश जारी किये। स्पष्ट कहा कि अफवाह फैलाने वालों और जुलूस निकालने वालों से सख्ती से पेश आए। किसी भी सूरत में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ न होने दिया जाय।
भीड़ हिंसा को लेकर सोशल मीडिया पर इन दिनों वामसेफ समेत कई अन्य संगठनों का पांच जुलाई को भारत बंद का ऐलान प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गया है। हालांकि जिला स्तर पर किसी भी संगठन ने इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया है और न ही बंद के मामले में कोई गतिविधि नजर आ रही है। बावजूद इसके प्रशासन इस घोषणा को गंभीरता से ले रहा है। डीएम ने इस मामले में बुधवार सायं प्रशासनिक अफसर एवं पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई। उन्होंने इस मामले में चल रही सोशल मीडिया पर गतिविधियों की समीक्षा की।
उन्होंने मजिस्ट्रेट एवं पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश देते हुए कहा कि खुफिया एजेंसियों एवं आरएएफ को भी सतर्क कर दिया जाय। सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेशों और अफवाहों पर विशेष ध्यान दिया जाय। यदि कोई भी अफवाह फैलाने की कोशिश करे तो उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया जाय। एडीएम सिटी राकेश कुमार मालपाणी ने बताया कि जिले में धारा 144 लागू है। अफवाह फैलाने और बिना अनुमति जुलूस व सभा करने वालों को बगैर वारंट गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाय। उन्होंने आम जनमानस से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति व्यवस्था कायम रखने में सहयोग की अपील की। इस मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस व प्रशासन के अफसर मौजूद थे।