ईदगाह में 30-35 हजार नमाजियों की व्यवस्था रहती है। इसी क्षमता के अनुरूप ईदगाह में नमाज के लिए आएं। ज्यादा से ज्यादा लोग आस-पास मस्जिदों में ईद की नमाज अदा करें, ताकि ईदगाह में कम लोग जमा हों। सड़क, सार्वजनिक एवं विवादित भूमि पर नमाज अदा न करें।
अलीगढ़ के डीएम इंद्र विक्रम सिंह एवं एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बृहस्पतिवार को शाहजमाल ईदगाह परिसर में ईद-उल-फितर को लेकर ईदगाह इंतजामिया कमेटी के साथ बैठक की। डीएम ने अपील की कि ईद को पंरपरागत तरीके से मनाकर आपसी भाईचारे को कायम रखें। सार्वजनिक स्थानों एवं सड़कों पर नमाज अदा न करें। किसी तरह की नई परंपरा शुरू कर अपवाद न बनें। उन्होंने बताया कि ईद पर साफ-सफाई, बिजली, पानी आदि से जुड़े अफसरों को नगर निगम, विद्युत समेत संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं। नगर निगम अफसरों से कहा कि आवारा जानवर कहीं दिखाई न दें।
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शहर मुफ्ती ने ईद-उल-फितर की नमाज को ईदगाह के साथ ही मोहल्लों की अन्य मस्जिदों में भी अदा करने की अपील की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने कहा कि जैसा सहयोग पुलिस-प्रशासन को मिलता रहा है, उसकी इस बार भी अपेक्षा है। सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है। एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ठ ने बताया कि ईदगाह में 30-35 हजार नमाजियों की व्यवस्था रहती है। इसी क्षमता के अनुरूप ईदगाह में नमाज के लिए आएं।
ज्यादा से ज्यादा लोग आस-पास मस्जिदों में ईद की नमाज अदा करें, ताकि ईदगाह में कम लोग जमा हों। सड़क, सार्वजनिक एवं विवादित भूमि पर नमाज अदा न करें। इस अवसर पर नगर आयुक्त अमित आसेरी, एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुनावत, सिटी मजिस्ट्रेट चंद्रशेखर, ईदगाह कमेटी के अध्यक्ष मकसूद हुसैन, डॉ. सैयद राहत अली, भूरा भाई, जाहिद भाई आदि मौजूद रहे।
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सड़कों पर अदा न करें नमाज - शहर मुफ्ती
शहर मुफ्ती मो. खालिद हमीद ने अपील की है कि ईद के मुबारक अवसर पर ईदगाह एवं जामा मस्जिद के अलावा अपने-अपने मोहल्लों की मस्जिदों में ईद-उल-फितर की नमाज अदा करें। नमाज सड़क पर अदा न की जाए। उन्होंने कहा कि यह ध्यान रखा जाए कि मस्जिदों में जरूरत से ज्यादा भीड-भाड़ जमा न हो, ताकि नमाज समाप्त होने के उपरांत लोग आसानी से घरों में जा सकें।