हाथरस की घटना को लेकर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय परिसर में भी विरोध प्रदर्शन की तस्वीर सामने आ सकती है। ऐसी सूचनाओं पर विश्वविद्यालय प्रशासन और अनुशासन विभाग सतर्क हो गया है। हालांकि, इस समय कक्षाएं नहीं चल रही है और छात्रावास खाली हैं। इसके बाद भी स्थानीय छात्र और पूर्व छात्र इस मुद्दे को लेकर कैंपस में धरना प्रदर्शन के साथ ही सरकार को इस मुद्दे पर घेर सकते हैं।
हाथरस की घटना के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय परिसर में भी पीड़िता को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा गया। जिसमें आरोपियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की गई। छात्र संघ कैबिनेट के पूर्व सदस्य जैद शेरवानी ने कहा कि हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री के संतानें नहीं हैं, इसलिए किसी की बेटी खोने का दुख दर्द ये लोग नहीं समझ सकते। उन्होंने कहा कि सांसद सतीश गौतम संसद में एएमयू के अंदर एससी एसटी का मुद्दा उठाते हैं। लेकिन हाथरस की घटना पर वह कुछ नहीं बोलेंगे। क्योंकि इससे ध्रुवीकरण नहीं हो रहा है। छात्र नेता मोहम्मद शिकोह ने कहा कि हाथरस हो, आजमगढ़ हो या फिर बलरामपुर, कहीं भी बेटियों की आबरू सुरक्षित नहीं है। इन हालातों में एएमयू के छात्र चुप नहीं बैठेंगे।