यूूूपी बोर्ड की ओर से जारी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के नतीजों में बेटियों पर खूब अंक वर्षा हुई। हाईस्कूल में 87.30 फीसदी और इंटरमीडिएट में 74.27 फीसदी बालिकाएं सफल रहीं, जबकि इंटर में खुशी शर्मा ने जिला टॉप करके बेटियों की खुशी को दोगुनी कर दी। वहीं, हाईस्कूल में 77.10 फीसदी और इंटरमीडिएट में 47.74 फीसदी बालक सफल रहे।
वर्ष 2019 में हाईस्कूल व इंटर के परीक्षा परिणाम में भी बेटियां अव्वल रही थीं। बेटियों की सफलता की रफ्तार इस बार भी कायम रही। पिछली बार हाईस्कूल में 72.84 फीसदी बालक व 83.41 फीसदी बालिकाएं सफल हुई थीं। इंटरमीडिएट में 45.35 फीसदी बालक व 69.63 फीसदी बालिकाएं कामयाब हुई थीं। यूं तो हाईस्कूल की टॉप टेन सूची में बालिकाओं में केवल लाला मिश्रीलाल एसवीएमएचएस इगलास की गरिमा सिंह ही जगह बनाने में कामयाब रहीं, जबकि इंटरमीडिएट में डीएसएसएम इंटर कॉलेज की खुशी शर्मा ने जिला टॉप किया।
वहीं, टॉप टेन में डीएलवीएन इंटर कॉलेज गोंडा की अक्षिता वार्ष्णेय, विवेकानंद इंटर कॉलेज छर्रा की प्रियांशी व चिरंजीलाल बालिका इंटर कॉलेज अलीगढ़ की कंचन शर्मा ने अपनी धाक जमाई।
वर्ष 2020 की परीक्षा में हाईस्कूल में 37772 बालक व 21958 बालिकाएं पंजीकृत थीं, जबकि परीक्षा में 31817 बालक व 20102 बालिकाएं शामिल हुईं। इसमें 24530 बालक व 17550 बालिकाएं पास हुईं। कुल उत्तीर्ण 81.05 प्रतिशत रहा। इंटरमीडिएट में 38265 बालक व 18523 बालिका पंजीकृत थीं, जबकि 37601 बालक व 18195 बालिकाएं परीक्षा में शामिल हुईं। इसमें 17951 बालक व 13513 बालिका पास हुईं। कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 56.39 रहा।
बेटियां अर्श पर, बेटों के पास प्रतिशत में सुधार
यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम में जहां बेटियां हर साल उत्तीर्ण फीसदी में इजाफा करती रहीं। वहीं, बेटों के उत्तीर्ण प्रतिशत में लगातार सुधार आता जा रहा है। पिछली बार के नतीजों से तुलना की जाए तो इंटर में इस बार 47.74 फीसदी बालक उत्तीर्ण हुए हैं, जो करीब ढाई फीसदी ज्यादा है, जबकि हाईस्कूल में इस बार 77.10 फीसदी बालक सफल रहे, जो पिछली बार से करीब पांच फीसदी ज्यादा है।
इंटर के परिणाम में निचले पायदान पर पहुंचा अलीगढ़
यूपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं की परीक्षा परिणाम में इस बार सुधार की गुंजाइश थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इंटर के परिणाम प्रतिशत मामले में अलीगढ़ सबसे निचले यानी 75वें स्थान पर पहुंच गया। वहीं, हाईस्कूल में अलीगढ़ पिछले साल के मुकाबले एक पायदान ऊंचा यानी 54वें स्थान पर पहुंचकर उम्मीद को जिंदा रखा।