कोरोना महामारी से बचाव और उसकी रोकथाम के लिए जिलाधिकारी और एसएसपी ने शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। अब जिले में हर दिन 400 लोगों की सैंपलिंग होगी।
कोरोना संक्रमित पाए जाने पर उस व्यक्ति के पड़ोस में दोनों ओर के 10-10 मकानों में रहने वालों की सैंपलिंग कराई जाएगी। साथ ही सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में रैंडम सैंपलिंग डीएम ने अनिवार्य कर दी है। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने कोविड-19 हेल्प डेस्क की सूचना कंट्रोल रूम पर न आन और अधिकांश कार्यालयों में डेस्क शुरू न होने पर अधिकारियों को फटकार लगाई।
डीएम ने बताया कि जनपद में शुक्रवार को 297 लोगों के सैंपल लिए गए थे। शासन के निर्देशों के क्रम में अब प्रतिदिन 400 सैंपल लिए जाएं। अब जहां-जहां पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं, उनके प्राइमरी कांटेक्ट के साथ-साथ पॉजिटिव मरीज के घर के दोनों तरफ के 10-10 घरों के सैंपल भी लिए जाएं। डीएम ने सरकारी व निजी कार्यालयों, प्रतिष्ठानों व कामगारों के सैंपल लिए जाने के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि कार्य योजना इस प्रकार से की जाए, जिससे ड्रग एसोसिएशन, समाचार पत्र वितरक, आईएमए, एलआईसी, बैंक, होटल, रेस्टोरेंट, मंडी, पुलिस सर्विलांस टीम, पुलिस कंट्रोल रूम, सभी तहसील, विकास भवन तथा अन्य सभी सरकारी कार्यालयों की सैंपलिंग हो सके।
डीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में 38 हजार किसानों का डाटा अभी लंबित है। इसको लेकर समस्त एसडीएम के पेच कसे। दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में 20 मरीज ऐसे हैं, जो हाई रिस्क पर हैं। उन मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में कंट्रोल रूम से लगातार अपडेट लिया जा रहा है।
सैंपल न कराने पर बंद करा दिया जाए मेडिकल स्टोर
डीएम ने ड्रग इंस्पेक्टर और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि ड्रग एसोसिएशन सभी मेडिकल स्टोर संचालकों व स्वामियों के सैंपल कराएं। कोई संचालक या स्वामी सैंपल देने से इंकार करता है तो उसे मेडिकल स्टोर न खोलने दिया जाए।