दूसरे केंद्रीय विश्वविद्यालयों की तरह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए कुलपति जमीरउद्दीन शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले।
इसी के साथ कुलपति ने प्रधानमंत्री से शिकायत की कि कुछ गैर जिम्मेदार तत्व उनके विरुद्ध अफवाह फैलाने में व्यस्त है, जो न केवल विश्वविद्यालय के लिए हानिकारक है बल्कि स्वयं उनकी व्यक्तिगत छवि को भी धूमिल करते है।
इस पर नरेंद्र मोदी ने कुलपति से कहा कि वह ऐसे तत्वों को बता दे कि ‘प्रधानमंत्री गत 15 वर्षों से ले. जनरल जमीरउद्दीन शाह को व्यक्तिगत रूप से जानते है’।
गुरुवार को एएमयू कुलपति जमीरउद्दीन शाह सांसद मौहम्मद तसलीमुद्दीन, सह कुलपति सैयद अहमद अली, ह्यूमन चैन संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद असलम तथा एएमयू अलुमनाई एसोसिएशन महाराष्ट्र क अध्यक्ष तनवीर आलम के साथ संसद भवन नई दिल्ली मेें प्रधानमंत्री से भेंट की।
कुलपति ने प्रधानमंत्री श्री मोदी से आग्रह किया कि वह एएमयू को दूसरे केंद्रीय विश्वविद्यालयों के अनुरूप फंड उपलब्ध कराने में सहायता प्रदान करें। एएमयू के मल्लापुरम, मुर्शिदाबाद तथा किशनगंज में स्थित तीनों सेंटरों पर चल रहे निर्माण कार्यों को जारी रखने के लिये वित्तीय सहायता आवश्यक है।
सांसद तसलीमउद्दीन तथा मोहम्मद असलम ने किशनगंज सेंटर के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया। तनवीर आलम ने पीएम से महाराष्ट्र में एएमयू सेंटर की स्थापना के लिए विशेष तौर पर आग्रह किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एएमयू कुलपति को भरपूर वित्तीय सहायता प्रदान करने का विश्वास दिलाया। कुलपति ने पीएम को एएमयू की उपलब्धियों से अवगत कराया और कहा कि एएमयू के वैज्ञानिक क्लीन गंगा एवं यमुना प्रोजेक्ट में सक्रिय भूमिका निभा रहे है।
उन्होंने नैनी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हुए कार्यों से भी अवगत कराया। उल्लेखनीय है कि फेडकुटा अध्यक्ष प्रो. नंदिता नारायण ने हाल ही में कुलपति को माफिया डॉन कहकर संबोधित किया था। अमुटा नेता भी कुलपति पर तानाशाही का आरोप लगा चुके है। एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा में धांधली का आरोप भी लगा था जिसकी वजह से एएमयू चर्चा के केंद्र में रही।