प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो चुकी है। नेताओं के साथ जनप्रतिनिधियों का राजनीतिक प्रचार सरकारी योजनाओं में नहीं हो सकता है। एक तरफ अलीगढ़ पलवल स्टेट हाइवे पर अंडला के निकट डिफेंस कॉरिडोर के बाहर लगे स्वागत द्वार पर प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री के चेहरे ढक दिए गए हैं, लेकिन शहर में बने स्मृति द्वार पर विधायक के फोटो अभी भी ढके नहीं गए हैं। मुस्कुराते हुए विधायक के फोटो आचार संहिता का मुंह चिढ़ा रहे हैं।
विधानसभा चुनावों को लेकर प्रदेश में लगी आचार संहिता का पालन कराना जिला प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। एक तरफ केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट डिफेंस कॉरिडोर के बाहर स्वागत द्वार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फोटो को ढक दिया गया है, लेकिन आचार संहिता के लागू होने के छह दिन बाद भी शहर के स्मृति द्वारों पर विधायकों के चेहरे को नहीं ढक पाए हैं। केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट पर यूपीडा ने तत्काल चेहरों को ढका, लेकिन जिला प्रशासन शहर के स्मृति द्वार पर आचार संहिता पालन नहीं करा पाए, जबकि एक ओर नगर निगम शहर में प्रतिदिन सैकड़ों पोस्टर-बैनर हटाने का दावा करता रहता है। मुस्कुराते हुए विधायकों के फोटो आचार संहिता को मुंह चिढ़ाने का काम कर रहे हैं।