शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के जिले में प्रशासन ने नकल रोेकने के लिए अकल तो खूब लगाई लेकिन बोर्ड परीक्षा के पहले दिन ही नकल रोकने के दावे धरे रह गए। शिक्षा राज्य मंत्री के विधानसभा क्षेत्र अतरौैली में ही काफी परीक्षा केंद्रों पर इमला बोलकर नकल कराई गई।
शासन ने यह भी दावा किया था कि संवेदनशील व अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए एसटीएफ तैनात रहेगी लेकिन स्थिति यह रही कि देहात के ज्यादातर केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था सिपाहियों व होमगार्डों के जिम्मे ही रही। डीएम, एसएसपी, डीआईओएस, एडीआईओएस व सचल दल परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने में लगे रहे। इसके चलते सुबह की पाली में तो नकल कम हुई लेकिन उसके बाद शाम की पाली में माफिया पूरी तरह अपने मंसूबों में कामयाब हो गए। हालांकि पहले दिन माफियाओं में डर पैदा करने के लिए जमकर छापेमार कार्रवाई भी की गई।
‘अतरौलिया बोर्ड’ के मकड़जाल को नहीं तोड़ सका प्रशासन
यूपी बोर्ड परीक्षा में इस बार नकल रोकने के लिए प्रशासनिक अफसरों ने दौड़ तो खूब लगाई मगर शिक्षा माफिया के मकड़जाल को वह तोड़ नहीं सके। काफी सेंटरों पर जमकर नकल हुई। यूपी बोर्ड परीक्षा में शासन ने एसटीएफ गठित करने के दावे किए थे उनकी भी हवा निकल गई। एसटीएफ तो दूर किसी केंद्र पर दो कांस्टेबल तक तैनात नहीं थे। ज्यादातर केंद्रों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने का जिम्मा होमगार्डों के कंधों पर था। कोतवाल उत्तमचंद पटेल व एसओ पालीमुकीमपुर अपनी जीप लेकर परीक्षा केंद्रों पर स्थिति का जायजा लेने के लिऐ इधर से उधर चक्कर लगाते रहे।
बोलकर कराई नकल
मंगलवार को पहली परीक्षा इंटरमीडिएट हिंदी की था। इसमें इमला बोलकर छात्रों को नकल कराई गई। स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे तो लगे हैं मगर उनमें आवाज नहीं दर्ज होने का फायदा माफिया को मिला। इसका तोड़ यह निकाला कि इमला बोलते कर नकल कराई गई। परीक्षार्थियों को पहले ही समझा दिया गया कि चुपचाप लिखते रहो। इधर से उधर कोई नहीं घूमेगा।
सीसीटीवी कैमरों में नहीं थी हार्डडिस्क
ज्यादातर परीक्षाकेंद्रों पर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों में चिप नहीं थी। सीसीटीवी कैमरे स्क्रीन पर चलते जरूर दिख रहे थे। मगर ज्यादातर केंद्रों का आलम यह था कि उनमें हार्डडिस्क या चिप नहीं होने के कारण रिकार्ड कुछ नहीं हुआ।
सुबह छूटे पसीने, शाम को माफिया दिखे राहत में
अधिकारियों ने नकल रोकने के प्रयास भी भरसक किए। सुबह की पाली में हाईस्कूल गृहविज्ञान की परीक्षा में एक काफिला लेकर डीएम ऋषिकेश भास्कर याशोद, एसएसपी राजेश पांडेय निकले तो दूसरे काफिला एडीएम और एसपीआरए डॉ. यशवीर सिंह का था। तीसरा काफिला एसडीएम का और चौथा डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा व शिक्षा विभाग के सचल दल का था। चारों काफिले चारों दिशाओं में थे। इससे एक बार तो शिक्षा माफिया के पसीने ही छूट गए। ऐसे में अतरौली के ‘एक्सपर्ट माफिया’ नकल कराने में जुट गए और इसमें सफल हो गए।
विभाग की कृपा भी बरसी है माफिया पर
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी अपने चहेते स्कूल वालों पर खूब कृपा बरसाई है। तमाम स्कूल ऐसे हैं जिनमें हाईस्कूल के छात्र नाममात्र को और इंटरमीडिएट के छात्रों की संख्या भरपूर है। इस गणित का माफिया को भरपूर फायदा मिल रहा है। सूत्रों की मानें तो जिन स्कूलों में हाईस्कूल की संख्या कम है और इंटर की ज्यादा वहां सबसे अधिक वसूली की शिकायतें रहती हैं। जानकारों का कहना है कि यदि अधिकारियों को वास्तव में नकल रोकनी थी तो जिन स्कूलों में इंटरमीडिएट के परीक्षार्थी अधिक हैं, ऐसे स्कूलों पर फोकस करना चाहिए।
गंगीरी: इमला बोलकर नकल कराई
यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन गृह विज्ञान की परीक्षा में कुछ परीक्षा केंद्रों पर इमला बोलकर नकल कराई गई। सुरक्षा व्यवस्था भी नाममात्र की थी। सुबह डीएम के दौरे के चलते माफियाओं में डर दिखाई दिया लेकिन शाम को शाम को दूसरी पाली में इंटरमीडिएट के हिंंदी की परीक्षा में खादर क्षेत्र के कुछ परीक्षा केंद्रों पर पर इमला बोलकर नकल कराई गई। परीक्षा केंद्रों के बाहर लगी भीड़ को एसओ अजय सिंह चाहर ने पुलिस फोर्स के साथ दौड़ाया। कुछ खड़ी बाइकों की हवा भी निकाली। परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी के मरे चेक किए। खादर क्षेत्र के ही एक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी सिस्टम ही बंद मिला।
इगलास: एक नकलची पकड़ा, मुकदमा दर्ज
बोर्ड परीक्षा के दौरान नगर के परीक्षा केद्रों पर लगभग 25 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। पहले दिन श्री लाल बहादुर शास्त्री इंटर कालेज में एक छात्र को नकल सहित पकड़ लिया गया। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। बाद में उसे रिस्टीकेट कर दिया गया।
उत्तर पुस्तिकाएं ला रहे दो कर्मी हुए घायल
यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं को संकलन केन्द्र पर अलीगढ़ पहुंचाने जाते समय सड़क दुर्घटना में दो लोग घायल हो गए। शिवदान सिंह इंटर कॉलेज से शाम के समय की पाली की परीक्षा कराने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को लेकर हेड क्लर्क दिनेश कुमार व सहायक लिपिक मनवीर सिंह अलीगढ़ बाइक से जा रहे थे। रास्ते में तेहरा के समीप बीएल नारायन कोल्ड स्टोर के समीप सामने से आ रहे बाइक सवार ने टक्कर मार दी। इससे दोनों कर्मचारी घायल हो गए। बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई। घायलोें का उपचार प्राइवेट अस्पताल में कराया गया है।