इकराम वारिस, अलीगढ़।
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते युवा क्रिकेट खिलाड़ी घरों में कैद होकर रह गए हैं। खिलाड़ियों की तैयारी पर भी बहुत असर पड़ा है। वर्ष-2020 में कोरोना का कहर ऐसा टूटा कि सभी उससे अभी तक उबर नहीं पाए हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) हर वर्ष अलग-अलग आयु वर्ग की प्रतियोगिताएं कराकर खिलाड़ियों को देश के लिए खेलने के लिए तैयार करता है।
खिलाड़ियों ने वर्ष-2020 में क्रिकेट ट्रॉयल के लिए पंजीकरण कराए थे, लेकिन कोरोना की वजह से देशभर में क्रिकेट नहीं हुआ और खिलाड़ी बिना ट्रॉयल दिए ही ओवर एज (अधिक आयु) हो गए। अब खिलाड़ियों ने बीसीसीआई से गुहार लगाई है कि हर आयु वर्ग के क्रिकेट के लिए कम से कम एक वर्ष उम्र बढ़ा दे, जिससे वह अपना हुनर दिखा सकें।
खिलाड़ियों के बोल
बीसीसीआई से मांग करता हूं कि सभी प्रतियोगिताओं के लिए उम्र की सीमा एक साल बढ़ा दे, तो बेहतर होगा। जैसे, अंडर-16 की जगह अंडर-17 कर दी जाए। - सचिन कुमार
मैंने अंडर-19 का ट्रॉयल फॉर्म भरा था, लेकिन कोरोना में अभ्यास करने का ज्यादा मौका नहीं मिला। बीसीसीआई से अनुरोध है कि वह उम्र को लेकर फैसला ले। - हर्ष शर्मा
कोरोना के चलते एक साल से ज्यादा समय खराब हो गया। क्रिकेट के मैदान पर जाने का ज्यादा मौका नहीं मिला। बिना खेले ही ओवर एज हो गया। - मयंक
कोरोना ने हमारे खेल पर भी प्रतिबंध लगा दिया। अभ्यास नहीं कर पाए न ट्रायल ही दे पाए। बिना हुनर दिखाए ही ओवर एज हो गए। - अमन वर्मा
एक हजार खिलाड़ी देते हैं ट्रॉयल
हर साल अलीगढ़ जिले से अंडर-14, 16, 19, 23 व रणजी ट्रॉफी मैच के लिए करीब एक हजार युवा खिलाड़ी ट्रॉयल देते हैं। कोरोना के चलते ट्रॉयल होने से इन खिलाड़ियों की उम्र बीसीसीआई के नियम के हिसाब से ज्यादा हो गई।