जेएन मेडिकल कालेज के पैथोलॉजी विभाग के ब्लड बैंक में प्लाज्मा बैंक स्थापित हो गया है। कोरोना संक्रमण से स्वस्थ हुए मरीजों से प्लाज्मा हासिल कर उसे संग्रह किया जाएगा। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि प्लाज्मा थेरेपी से कोविड मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा।
जेएनएमसी प्राचार्य एवं सीएमएस प्रो. शाहिद ए सिद्दीकी ने कहा कि कालेज के पास बुनियादी ढांचा और उपकरण मौजूद हैं और स्वास्थ्य कर्मियों को प्लाज्मा के संग्रहण और भंडारण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पैथोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. एसएच आरिफ ने कोविड मरीजों से अपील की है कि वह पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के 14 दिनों के बाद प्लाज्मा दान कर सकते हैं। दानदाता की आयु 18 से 60 वर्ष के मध्य होनी चाहिए और उनका वजन 50 किलोग्राम से कम नहीं होना चाहिए।
किस को दान नहीं करना चाहिए प्लाज्मा
प्रो. आरिफ ने बताया कि गर्भवती महिलाएं, इंसुलिन लेने वाले डायबिटीज के मरीज तथा हृदय, गुर्दे और फेफड़ों के रोग से पीड़ितों को प्लाज्मा का दान नहीं करना चाहिए।
प्लाज्मा दान करने को कहां संपर्क करें
ब्लड बैंक के इंचार्ज प्रो. कफील अख्तर ने बताया कि दान के इच्छुक लोग एचआईवी कांउसलर सुहेल अब्बास के मोबाइल नंबर 9410061472 तथा चिकित्सा अधिकारी डा. फवाद खान से 9457990934 और डा. स्मृति प्रसाद से 9358203015 से संपर्क स्थापित कर सकते हैं। प्रो. कफील ने कहा कि अलीगढ़ जनपद में लगभग 800 लोग कोरोना से जंग जीत चुके हैं। वह प्लाज्मा का दान करने के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज में संपर्क कर सकते हैं।