पंचायत चुनाव को कोरोना के ग्रहण से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने मतगणना का प्लान तैयार किया है। इस बार मतगणना 24 घंटे में संपन्न कराई जाएगी। प्रत्येक न्याय पंचायतवार एक के बजाय चार टेबल लगाई जाएंगी। टेबल बढ़ाने से वोटों की गिनती जल्दी होगी और परिणाम जल्दी घोषित होगा। इसके अलावा, प्रशासन ने फैसला किया है कि इस बार मतगणना के दौरान प्रत्याशी और उनके समर्थक मतगणना स्थल पर भीड़ नहीं जुटाएंगे। प्रत्याशी या फिर उसका एक एजेंट मतगणना स्थल पर रहेगा। जीत के बाद शांतिपूर्ण तरीके से घर जाना होगा। विजयी जुलूस निकालने पर प्रतिबंध रहेगा।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) विधान जायसवाल ने बताया कि जिले में छठवें त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत 29 अप्रैल को मतदान होना है। दो मई को मतों की गणना होगी। जिले में 122 न्याय पंचायतें हैं। प्रत्येक न्याय पंचायत पर पूर्व में एक टेबल लगाकर मतपेटिकाओं को खोला जाता था, इसके बाद प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के पदों के लिए पड़े मतों को अलग-अलग किया जाता था।
इसके बाद मतों की गिनती होती थी। इस बार एक के बजाय चार टेबल न्याय पंचायत वार स्थापित की जाएंगी। प्रत्येक टेबल पर मतों की गिनती अलग-अलग पदों के लिए पड़े मतों की होगी। इस बार कुल 488 टेबल स्थापित की जाएंगी। एक टेबल पर पांच कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। सुबह आठ बजे से मतों की गिनती शुरू कराई जाएगी। मतगणना स्थल पर सिर्फ प्रत्याशी या उसका एजेंट ही मौजूद रहेगा। अन्य किसी को आने की अनुमति नहीं होगी।
विजेता की घोषणा करते हुए विभिन्न माध्यमों से उन तक सूचना पहुंचा दी जाएगी। बता दें कि पंचायत चुनाव बैलेट पेपर से होता है। इसके चलते एक-एक बैलेट पेपर को गिनकर प्रत्याशियों को पड़े वोटों की गिनती की जाती है। इस प्रक्रिया में पूर्व के चुनावों में दो से तीन दिन तक का समय लगता रहा है। वहीं, ईवीएम से होने वाले चुनाव की मतगणना कंप्यूटराइज्ड तौर पर होती है, इसलिए उसका परिणाम पांच से आठ घंटे में ही जारी हो जाता है।