बेटे की मां बनी दुष्कर्म की शिकार नाबालिग अभी जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। शनिवार को चिकित्सकों ने नाबालिग की मां से बातचीत में दो-तीन दिन बाद छुट्टी न देने की बात कही है। उसकी मां अपनी बेटी की सुरक्षा के लिए चिंतित है। इसे लेकर वह घर जाने से पहले पुलिस अधिकारियों से बात करने की तैयारी में है।
हाथरस की मुरसान कोतवाली में 23 जनवरी को नाबालिग की मां ने बेटी से दुष्कर्म की रिपोर्ट कराई थी। आरोप था कि बुआ के बेटे ने जुलाई 2025 के बाद से लेकर कई बार बेटी के साथ दुष्कर्म किया। जनवरी में बेटी के पांच माह के गर्भवती होने की खबर मिली। इधर, पीड़िता की मां ने बेटी का गर्भपात कराने के लिए हाईकोर्ट में अपील की गई। हाईकोर्ट ने फरवरी में सीएमओ हाथरस से गर्भपात कराने के संबंध में रिपोर्ट तलब की, मगर सीएमओ स्तर से अनदेखी कर दी। बाद में गर्भपात का समय निकल गया। अब हाईकोर्ट के निर्देश पर मार्च माह में नाबालिग जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती है।
हाईकोर्ट के निर्देश पर ही यहां उसके उपचार, प्रसव व बुधवार को पैदा हुए बच्चे की देखरेख आदि की प्रक्रिया जारी है। इधर, शनिवार को नाबालिग की मां ने चिकित्सकों से बात की। पीड़िता की मां का कहना है कि मेडिकल कॉलेज से छुट्टी के बाद अपनी बेटी को लेकर गांव जाएगी। गांव जाने पर बेटी की सुरक्षा की चिंता है।
रिपोर्ट मिलने पर हाईकोर्ट से मिलेंगे निर्देश
नाबालिग पीड़िता के अधिवक्ता मनमोहन शर्मा का कहना है कि पीड़िता के प्रसव व बेटे के जन्म के संबंध में हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट हाईकोर्ट को भेजेगी। वहां से निर्देश मिलने के बाद ही बच्चे का भविष्य तय होगा।