पेट्रोलमैन की मौत के बाद हंगामा
- फोटो : संवाद
अलीगढ़ में दादों के मोहल्ला चामुंडा निवासी 30 वर्षीय मुकेश कुमार पुत्र ओमप्रकाश विगत छह माह से दादों स्थित बिजली घर में पेट्रोलमैन के पद पर कार्यरत थे। 13 मार्च शाम करीब 6 बजे उन्होंने अपने दो लाइनमैन साथियों के साथ कस्बा के बाहर निजी नलकूपों की हाईटेंशन लाइन के तार ठीक करने के लिए शटडाउन लिया और खंभे पर चढ़कर तार जोड़ने लगे। इसी दौरान बिजली घर से आपूर्ति चालू कर दी गई, जिससे वह तेज करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गया और नीचे गिरकर घायल हो गया।
पेट्रोलमैन के नीचे गिरते ही दोनों लाइनमैन मौके से भाग गए। रात 9 बजे वहां से निकल रहे ग्रामीणों ने पेट्रोलमैन के परिजनों को सूचना दी। परिजन आनन- फानन में उन्हें छर्रा के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने उन्हें अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां से भी हालत गंभीर होने पर दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। 14 मार्च की सुबह करीब 3 बजे उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिजन पोस्टमार्टम से शव थाने लेकर पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। पुलिस के आश्वासन पर परिजन शव को घर लेकर गए। युवक की मौत से घर में कोहराम मच गया। होली का त्योहार मातम में बदल गया। मृतक के पिता ओमप्रकाश व अन्य रिश्तेदार बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों को बुलाने की मांग करने लगे। एक घंटे तक अंतिम संस्कार नहीं किया। शव को लोडर में रखकर बिजली घर जाने लगे।
थाना प्रभारी ने आश्वासन दिलाया कि बिजली विभाग द्वारा आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी, जिस पर परिजन सहमत हो गए और अंतिम संस्कार कर दिया। बिजली विभाग ने अंतिम संस्कार के लिए 15 हजार रुपये की सहायता राशि भेजी। अवर अभियंता जयकृष्णा ने बताया निजी नलकूपों की आपूर्ति शाम 5 बजे के बाद बंद कर दी जाती है। इसके बाद लाइन में करंट कैसे प्रवाहित इसकी जांच कराई जा रही है। मृतक अपने पीछे पत्नी सहित तीन बेटी व एक बेटे को रोते बिलखते छोड़ गया।