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अलीगढ़ में पेट्रोलियम पदार्थों की खोज: 22 मीटर ड्रिलिंग, डाइनाइमाइट डाल कर विस्फोट; अपनाई जाएगी ये प्रक्रिया

Fri, 07 Feb 2025 03:54 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

2018 में अतरौली क्षेत्र में गंगा के किनारे ओएनजीसी ने सर्वे किया था। बताया गया कि उस समय गांव भवीगढ़ से कुछ नमूने लिए गए थे, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया था। इनमें जमीन के नीचे पेट्रोलियम पदार्थ होने के कुछ संकेत मिले थे।
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ONCG, ओएनजीसी - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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अलीगढ़ जिले के भूभाग में पेट्रोलियम पदार्थों की खोज के लिए प्रशासन ने सभी तहसील प्रशासन को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। खोजबीन का काम ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) की देखरेख में हैदराबाद की कंपनी अल्फाजियो (इंडिया) लिमिटेड करेगी।

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पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मिशन अन्वेषण (एमए) के तहत यह कार्य किया जा रहा है। इससे पहले सन 2018 में अतरौली क्षेत्र में गंगा के किनारे ओएनजीसी ने सर्वे किया था। बताया गया कि उस समय गांव भवीगढ़ से कुछ नमूने लिए गए थे, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया था। इनमें जमीन के नीचे पेट्रोलियम पदार्थ होने के कुछ संकेत मिले थे। एडीएम वित्त मीनू राणा के मुताबिक सभी तहसीलों के प्रशासन को पेट्रोलियम पदार्थों की खोज के लिए नियमों के मुताबिक अपेक्षित सहयोग प्रदान करने के लिए कहा गया है।

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सेसमिक सर्वे तकनीक का किया जाएगा प्रयोग

हैदराबाद की अल्फाजियो (इंडिया) लिमिटेड कंपनी सेसमिक सर्वे (भूकंपीय सर्वेक्षण) के जरिए जमीन के नीचे खनिज तत्वों का पता लगाएगी। इसमें एक स्थान पर 22 मीटर तक ड्रिलिंग की जाती है। जिसके बाद डाइनामाइट डालकर विस्फोट करते हैं। इसके बाद उत्पादित ऊर्जा को रिकॉर्ड करते हैं। विशेष सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके यह भूकंपीय डेटा पृथ्वी की उप-सतह की छवि पैदा करता है। जिससे तेल और गैस युक्त संरचनाओं की पहचान होती है।

क्या है सेसमिक सर्वे
भूकंपीय सर्वेक्षण एक ऐसी विधि है जिसका उपयोग कृत्रिम भूकंपीय संकेतों द्वारा उत्पन्न तरंगों को मापकर और रिकॉर्ड करके उप सतह का चित्र लेने के लिए किया जाता है, जो विभिन्न दिशाओं में परावर्तित और अपवर्तित होती हैं।
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