एक महीने के अंदर महानगर में दो लूट की घटनाएं होने एवं अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने से आक्रोशित पेट्रोल पंप संचालक बुधवार को हड़ताल पर रहे। इसकी वजह से खास एरिया में वाहन चालकों को खासी परेशानी हुई। हालांकि महानगर में कई पंप खुले रहने के कारण से स्थिति ज्यादा खराब नहीं हुई। डीएसओ एवं एसपी सिटी द्वारा 72 घंटे के अंदर अपराधियों को गिरफ्तार करने के आश्वासन के बाद शाम में पंप संचालकों ने हड़ताल वापस ले ली। मामला प्रमुख सचिव एवं डीजीपी तक पहुंच गया है।
रामघाट रोड स्थित वसुंधरा फिलिंग स्टेशन (पेट्रोल पंप) के मुनीम से 1.33 लाख रुपये अपराधियों ने 4 जनवरी को लूट लिए थे। इस घटना से पंप संचालकों का आक्रोश भड़क गया। अलीगढ़ पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन द्वारा बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी गई थी। हालांकि दूसरी एसोसिएशन से जुड़े पंप संचालक हड़ताल से स्वयं को यह कहते हुए अलग हो गए कि डीएसओ के आग्रह पर इसलिए पंप खोल रहे हैं कि पब्लिक को परेशानी न हो। कुछ पंप खुलने से पंप संचालकों के बीच का आपसी मनमुटाव भी खुलकर सामने आ गया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय मंगल गुप्ता ने बताया कि हड़ताल सफल रही और 20 प्रतिशत पंप संचालकों को छोड़कर अन्य लोग इसमें शामिल हुए। उत्तर प्रदेश पेट्रोलियम टेडर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीएन शुक्ला लूट की घटना को लेकर प्रमुख सचिव गृह एवं डीजीपी से मिले। उन्होंने कहा कि एसपी सिटी ने 72 घंटे के अंदर अपराधियों का पकड़ने का आश्वासन दिया है। इसे देखते हुए हड़ताल वापस ले ली गई है। डीएसओ ने आश्वासन दिया है कि बैंक से बात कर पेट्रोल पंपों पर कलेक्शन काउंटर खुलवाने की कोशिश करेंगे। हड़ताली पंप संचालकों में मिथलेश भार्गव, अभिषेक भार्गव, प्रशांत अग्रवाल, समीर चावला, मोहित माहेश्वरी, मनोज बाबू, प्रबल प्रताप सिंह, विजय कुमार आदि शामिल थे।