गांधी पार्क पुलिस ने बुधवार को कानपुर हाईवे पर अलीगढ़ कट के पास लुटेरों के गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ लिया। इसमें एक परिवार की दो महिलाएं भी शामिल हैं। इन्होंने पिछले दिनों क्षेत्र में दुर्गा पेट्रोल पंप में 6.69 लाख रुपये की लूट सहित कुछ घटनाओं को अंजाम दिया है। इनसे पूछताछ में कैशियर लूटकांड के खुलासे के कुछ संकेत मिले हैं लेकिन ये लोग उस घटना में शामिल नहीं हैं।
अलीगढ़ क्षेत्र में बबलू भरतरी और बबलू कश्यप उर्फ बाबा नाम के दो बदमाश गिरोह संचालित करते हैं। बबलू भरतरी निवासी है तो बबलू कश्यप गांधी पार्क की बाबा कॉलोनी का रहने वाला है। इस गिरोह ने पिछले दिनों कई लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है। लगातार दो पेट्रोल पंप लूट की घटनाओं के बाद पुलिस ने बबलू कश्यप पर शिकंजा कसना शुरू किया तो उसने पुराने मुकदमे में अदालत में सरेंडर कर दिया और जेल चला गया। गांधी पार्क में कैशियर से लूटकांड की घटना के बाद पुलिस जेल में बबलू कश्यप से पूछताछ करने गई तो उसने बताया कि उसके साथी बबलू बाबा, गोल्डी निवासी पूसा नगला अकराबाद आदि ने लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है, जिसमें 6.69 लाख की पेट्रोल पंप लूट शामिल है। कैशियर लूट सहित ताजा घटनाओं में उनका हाथ नहीं है।
इसके बाद पुलिस जब उनके पीछे लगी तो बुधवार को बबलू गैंग के ही खालिद पुत्र इस्लाम खां निवासी गांव राइट थाना लोधा (उम्र 20 वर्ष) को कानपुर हाईवे, अलीगढ़ कट से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही बबलू भरतरी की भाभी रक्षा पत्नी राजकुमार उर्फ रामू निवासी भरतरी थाना गभाना और बबलू भरतरी की बहन सीमा पत्नी राजू निवासी कीरतपुर थाना अकराबाद को भी गिरफ्तार कर लिया। इन लोगों से 1.25 लाख रुपये भी बरामद किए हैं।
अब मथुरा के गैंग पर टिक गईं निगाहें
जब साफ हो गया कि बबलू भरतरी और बबलू कश्यप गैंग ताजा कैशियर लूट कांड में शामिल नहीं है तो पुलिस ने आगे की रणनीति पर काम करना शुरू किया। पूछताछ में साफ हुआ कि मथुरा के बड़े गैंगेस्टर के साथी अलीगढ़ में देखे गए हैं। इसके बाद पुलिस ने मथुरा के गैंग के आसपास शिकंजा कसने का काम शुरू किया है।
यह हुई थी कैशियर लूट कांड की घटना
बजाज फाइनेंस कंपनी की फ्रेंचाइजी के रूप में संचालित सुपर क्लाउड फाइनेंस कंपनी का धनीपुर मंडी के सामने रामवीर शर्मा के मकान में दफ्तर है। कंपनी में कैशियर कृष्णकांत तिवारी निवासी आदमपुर शेरगढ़ मथुरा दफ्तर में ही रहता है। सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे कृष्णकांत तिवारी तीन दिन का कैश एकत्रित कर उसे बैंक में जमा करने के लिए बैग में रख रहा था। इसी दौरान दफ्तर के दरवाजे पर किसी ने किस्त जमा करने के नाम पर दस्तक दी। जैसे ही कृष्णकांत ने दरवाजा खोला तो तीन लोग अंदर घुस आए और तमंचे तानते हुए रुपयों से भरा बैग उठाकर चल दिए। कृष्णकांत ने एक बदमाश को पकड़ना चाहा तो उसे धक्का दे दिया।
इस दौरान दो बदमाश रुपयों भरा बैग लेकर बाइक से बौनेर की ओर भाग गए, जबकि तीसरे को कृष्णकांत ने पैर पकड़ने के चलते दरवाजे पर रोक लिया और शोर मचाने लगा। बचने के लिए बदमाश ने कृष्णकांत को तमंचे से गोली मार दी, जो उसके पेट को चीरती हुई पीछे निकल गई। घटना के बाद थाना गांधी पार्क के इंस्पेक्टर शंभूनाथ सिंह और धनीपुर मंडी के चौकी प्रभारी धर्मेंद्र यादव को निलंबित कर दिया गया।