विनोद चौहान निवासी बामनी हाल मालीपुरा ने एक याचिका दायर की थी। जिसमें कहा था कि उसने कोविड काल में जरूरत पर संजय शर्मा से 2 लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। जो किश्त में चुकता कर दिए। बावजूद इसके 2021 में संजय शर्मा ने उस पर ब्याज की दर बढ़ाकर 8 लाख रुपया बकाया निकाल दिया।
खैर नगर पालिका चेयरमैन व उनके भाई पर 2021 में जबरन एक बैनामा कराने के आरोप में मुकदमे के लिए दायर की गई याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। खैर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस याचिका की सुनवाई करते हुए खारिज करने का आदेश दिया है।
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नगर पालिका अध्यक्ष खैर संजय शर्मा व उनके भाई शीतगृह स्वामी आनंद शर्मा के खिलाफ विनोद चौहान निवासी बामनी हाल मालीपुरा ने एक याचिका दायर की थी। जिसमें कहा था कि उसने कोविड काल में जरूरत पर संजय शर्मा से 2 लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। जो किश्त में चुकता कर दिए। बावजूद इसके 2021 में संजय शर्मा ने उस पर ब्याज की दर बढ़ाकर 8 लाख रुपया बकाया निकाल दिया। इसी क्रम में 4 फरवरी 2021 को उसे, उसके भाई व पिता को संजय शर्मा व उनके भाई आनंद शर्मा ने रास्ते से हथियारों के बल पर जबरन अगवाकर अपने शीतगृह पर ले जाकर बंधक बनाया। अगले दिन शराब पिलाकर तहसील ले जाकर 8 लाख रुपये के एवज में मालीपुरा वाले मकान का बैनामा प्लॉट दर्शाकर करा लिया। कुछ दिन बाद मकान पर अपना ताला डाल दिया।
चूंकि वह मकान उस पर बैंक ऋण पर था, इसलिए उसकी किश्त जमा न होने पर खाता एनपीए हो गया। डर की वजह से उन्होंने शिकायत नहीं की। दायर याचिका के अनुसार इस वर्ष मार्च माह में उसने पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ के सहयोग से मामले में पुलिस से शिकायत की। पुलिस से मदद न मिलने पर अदालत में याचिका दायर की। अदालत ने तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर दोनों भाइयों के खिलाफ अपहरण, मारपीट, बंधक बनाने, जबरन बैनामा कराने संबंधी आरोपों में मुकदमे के लिए दायर की याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।
पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ हमारे परिवार से राजनीतिक विद्वेष मानते हैं। अदालत के आदेश में उल्लेखित याची के वर्जन में इस बात का उल्लेख है कि उन्होंने यह याचिका दायर कराई थी। हमें न्याय मिला है। सच यह है कि विनोद ने हमसे बैंक ऋण की बात छिपाकर बैनामा किया था। - आनंद शर्मा मोनू, चेयरमैन के भाई
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बेवजह की निराधार बातें हैं कि कोई किसी को मुकदमे के लिए उकसा सकता है। इस विषय में मेरा कोई लेना देना नहीं। राजनीति में सक्रिय रहने के नाते लोग मदद के लिए आते रहते हैं। - प्रमोद गौड़, पूर्व विधायक