नगला पटवारी से आईं सुल्ताना अपनी गोद में दो महीने की बेटी को लेकर लाइन में लगी थीं। उन्होंने बताया कि एक बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए एक साल से ज्यादा का समय हो गया है। दूसरे बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए भी दो महीने से भाग दौड़ कर रहे हैं। कहते हैं आशा की मुहर लगवा कर लाओ। आशा कहती हैं हमारे पास कोई मुहर नहीं है।
रजिया बोलीं कभी नाम तो कभी फार्म गलत बता रहे
भुजपुरा से आईं रजिया नगर निगम की व्यवस्था को कोसती हैं। कहती हैें कभी आवेदन पत्र में नाम गलत बता देते हैं तो कभी फार्म ही गलत बता देते हैं। अभी भी शपथ पत्र में तारीख को गलत बता रहे हैं। इसको बदलवाने के लिए कह रहे हैं। एक बार में नहीं बताते हैं कि क्या-क्या सही करना है।
मुकीम नहीं समझ पा रहे निगम कर्मी क्या चाहते हैं
मौलाना आजाद नगर से आए मुकीम समझ नहीं पा रहे हैं कि नगर निगम कर्मी क्या चाहते हैं। कहते हैं एक साल से परेशान किया जा रहा है। कहा जाता है कि आशा की मुहर लगवा कर लाओ। आशा कहती हैं कि हमारे पास कोई मुहर ही नहीं है। सन 2024 में फार्म जमा करने के बाद रसीद दी थी अब कहते हैं इस रसीद से कोई काम नहीं होगा।