मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से मंगलवार को ई-बस सेवा का लोकार्पण तो कर दिया। लेकिन इन बसों के सड़कों पर दौड़ने के लिए अभी लोगों को इंतजार करना होगा। चार्जिंग प्वाइंट तैयार होने के साथ अभी ड्राइवर और कंडक्टरों की भर्ती होगी। परिवहन निगम ने पांचों रूटों पर ई-बस सेवा के संचालन की व्यवस्था कर ली है।
बता दें कि ई-बसों का संचालन पीएमआई कंपनी की तरफ से किया जाएगा। ड्राइवरों की भर्ती भी यही कंपनी करेगी। जबकि कंडक्टरों की भर्ती अन्य एजेंसी के द्वारा की जाएगी। बसों का लोकार्पण तो हो गया। लेकिन सारसौल स्थित चार्जिंग बस स्टेशन में चार्जिंग प्वाइंट लगना बाकी है। इमारत बनकर तैयार हो चुकी है। चार्जिंग प्वाइंट लगाने का कार्य पीएमआई कंपनी द्वारा ही किया जाएगा। लोकार्पण के लिए पांच ई-बसों में आए चालक पोर्टेबल चार्जर लेकर आए थे। पोर्टेबल चार्जर वैकल्पिक व्यवस्था है। जो आपात स्थिति में चार्ज करने के लिए होता है। बस चार्जिंग प्वाइंट से ही अच्छे तरीके से चार्ज होती है। इधर, परिवहन निगम ने पांचों रूटों पर बसों के चलाने की व्यवस्था कर ली है। बोनेर से खेरेश्वर रूट पर किराया तय हो चुका है। अन्य चार रूटों पर टीआई सर्वे कर रहे हैं। सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर अन्य रूटों पर किराया तय हो जाएगा। क्षेत्रीय प्रबंधक मो. परवेज खान ने बताया कि बसों का लोकार्पण हुआ है। लेकिन बस स्टेंड पर चार्जिंग प्वाइंट का कार्य बाकी है। ड्राइवर व कंडक्टरों की भर्ती होगी। तब जाकर इन बसों का संचालन पांचों रूटों पर होगा।
ये हैं पांच रूट
1-खेरेश्वर से बोनेर।
2-हरदुआगंज से मेहरावल।
3-मडराक से मेडिकल कॉलेज।
4-शिवदान सिंह कॉलेज से हरदुआगंज।
5-महेशपुर तिराहा धौर्रामाफी से छर्रा अड्डा पुल।