क्वार्सी थाना क्षेत्र के रावणटीला-सुरेंद्र नगर के पास खाली जमीन पर गड्ढा खोद रहे नगर निगम के जेसीबी मशीन के सामने वैश्य समाज के लोग लेट गए। इसको लेकर वहां तीन घंटे से अधिक समय तक हंगामा होता रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस फोर्स बुला ली गई। नगर निगम एवं स्थानीय विधायक के खिलाफ भी नारेबाजी हुई। विरोध-प्रदर्शन करने वाले अधिकतर लोग भाजपाई थे। आरोप है कि एक भाजपा विधायक के दबाव में नगर निगम ट्रस्ट की भूमि को कब्जाने की कोशिश कर रही है।
रावण टीला-सुरेंद्र नगर पानी की टंकी के पास खाली जमीन है। कुछ लोग उसे पोखर भी बताते हैं। यहां पर नगर निगम एवं माहौर वैश्य विद्या प्रचार ट्रस्ट की जमीन है। रविवार को नगर निगम की टीम पॉकलैंड मशीन, जेसीबी एवं ट्रैक्टर आदि के साथ पहुंची और खाली स्थान पर खुदाई एवं सफाई करने लगी। धीरे-धीरे वहां पर भीड़ जुटने लगी। माहौर वैश्य विद्या प्रचार ट्रस्ट के पदाधिकारी भी वहां पहुंच गए। उनके समर्थन में आसपास के लोग भी आ गए। ट्रस्ट का स्कूल भी पानी टंकी के पास है। ट्रस्ट के सचिव एवं भाजपा के मंडल अध्यक्ष जगदीश महाजन, महेंद्र कुमार गुप्ता, दिनेश गुप्ता, अजय गुप्ता आदि पहुंच गए और नगर निगम की कार्यवाही का विरोध करने लगे। ट्रस्ट के कई पदाधिकारी एवं सदस्य खुदाई कर रहे जेसीबी मशीन के सामने आकर बैठ गए। सूचना के बाद भारी संख्या में पुलिस एवं पीएसी के जवान पहुंच गए। सहायक नगर आयुक्त राजबहादुर सिंह एवं भाजपा नेताओं के बीच जमकर नोकझोंक हुई। देर शाम जाकर मामला शांत हुुआ। इस संबंध में सोमवार को नगर निगम के अधिकारियों ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों को बातचीत के लिए बुलाया है।
क्या कहना है ट्रस्ट के लोगों का
ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि खाली भूमि -विवादित भूमि ग्राम कुकडीखेड़ा गाटा संख्या 11 एवं 13 स्कूल की संपत्ति है, जो राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। इससे संबंधित कागजात एवं नक्शा विद्यालय के पास है। अभी यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी सफाई के बहाने जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या कहना है नगर निगम को
सहायक नगर आयुक्त राजबहादुर सिंह का कहना है कि हमारी टीम साफ-सफाई के लिए गई थी। आठ फीट गहरा गड्ढा खोदने की बात सही नहीं है। आसपास के लोगों को जलभराव से दिक्कत होती है। इसलिए सफाई के लिए टीम गई थी। वहां की शिकायतें भी बहुत आती है। हमारा उद्देश्य किसी जमीन पर कब्जा करना नहीं है। हमारी और उनकी जमीन मिली हुई है। पैमाइश का मामला है। मिलबैठक हल निकाल लेंगे।
- राजबहादुर सिंह, सहायक नगर आयुक्त
किसी के बहकावे में आकर माहौश्र वैश्य विद्या प्रचार ट्रस्ट की भूमि को कब्जाने का प्रयास किया जा रहा है। पूरा प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। नगर निगम का कृत्य निंदनीय है।
- अजय गुप्ता, भाजपा नेता
सफाई के बहाने नगर निगम की टीम पोकलैंड एवं जेसीबी के माध्यम से 8 फीट गहरे गड्ढे खोद रही थी। गड्ढे से निकली मिट्टी को कही और भेजा जा रहा था। हमने कागजात दिखाकर मना किया तो पुलिस-फोर्स को बुला लिया गया। नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी बदतमीजी भी कर रहे थे। स्थानीय विधायक अनिल पाराशर को फोन लगाया तो रिसीव नहीं हुआ। समाज के एक हजार लोग पत्र लिखकर मुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष से शिकायत करेंगे।
- जगदीश महाजन, सचिव, माहौर वैश्य विद्या प्रचार ट्रस्ट
नगर निगम के विरोध में सीना तान खड़े थे भाजपाई
विवाद के दौरान अजीबो-गरीब नजारा था। ट्रस्ट के अधिकतर लोग भाजपा से जुड़े थे और उनके समर्थन में आए अधिकतर लोग भी भाजपाई थे। विरोध भी नगर निगम के साथ भाजपा विधायक अनिल पाराशर का हो रहा था। भाजपा के बड़े नेता एवं जन प्रतिनिधि तो इज्जत बचाकर मौके पर नहीं पहुंचे। जो पहुंचे थे उसमें मानव महाजन, संजय शर्मा, नितिन सुपारी, सौरभ माहेश्वरी, दिनेश गुप्ता, नारायण हरि गुप्ता आदि प्रमुख थे।
यह मामला नगर निगम एवं ट्रस्ट का है। इसमें मेरा कोई लेना-देना नहीं है। जनता की मांग पर जलभराव को देखते हुए नगर निगम की टीम वहां गई थी। जिस समय ट्रस्ट के सचिव एवं भाजपा के मंडल अध्यक्ष का फोन आया था, उस समय गमी में बैठा था। वह वक्त फोन उठाकर बात करने का नहीं था।
- अनिल पाराशर, विधायक, कोल विधानसभा