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Aligarh News: स्वास्थ्य महकमे पर भड़के लोग, कहा- आज लगा है कैंप

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नगर के मोहल्ला नगाइचपाड़ा क्षेत्र में डायरिया का प्रकोप बढ़ने पर मंगलवार को डीएम संजीव रंजन ने अतरौली पहुंचकर अस्पताल में भर्ती मरीजों का स्वास्थ्य लाभ जाना और मोहल्लों में जाकर लोगों से मिले। इस दौरान पीड़ितों के परिजनों ने चीख-चीख कर जरूरतमंदों तक दवा नहीं पहुंचने की शिकायत की।
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जिलाधिकारी जब मोहल्ला नगाइचपाड़ा में पहुंचे तो उन्होंने लोगों से बीमारी के बारे में पूछताछ की। मोहल्ला बनवारीलाल, विपिन सैनी आदि ने कहा कि बीमारी तीन दिन से फैल रही है।



इस दौरान गुस्साए लोगों का चीख-चीख कर कहना था कि लोग लगातार बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कुछ ही स्थानों पर दवा देकर अपनी औपचारिकता कर दी। जरूरतमंद परिवारों तक दवा ही नहीं पहुंच रही। बड़े अधिकारियों के आने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को कैंप लगाकर दवाओं का वितरण किया।
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100 शैय्या अस्पताल बना रेफर सेंटर
मोहल्ला के विपिन, धर्मेंद्र, विष्णु आदि ने कहा कि 100 शैया अस्पताल महज रेफर सेंटर बनकर रह गया है। शाम होते ही यहां डॉक्टर नहीं मिलते। बीमारी फैल रही थी और लोग रात को ही अस्पताल मरीजों को लेकर पहुंच रहे थे लेकिन वहां डॉक्टर नहीं थे। विष्णु अपने बेटे रोहित, धर्मेंद्र अपने बच्चे गोलू व कान्हा तथा विपिन अपने बेटे मनी सैनी को लेकर रक्षाबंधन वाले दिन रात को अस्पताल पहुंचे थे। लेकिन डॉक्टर नहीं थे स्टाफ ने बच्चों को भर्ती नहीं किया, उनका इलाज अलीगढ़ के प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। अब तक इलाज पर काफी रकम खर्च हो चुकी है।



डीएम ने जताई नाराजगी, कठोर कार्रवाई की चेतावनी

डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए सीएमओ को निर्देश दिए कि दवा और ओआरएस के पैकिट घर घर में पहुंच जाने चाहिए, जहां भी शिकायत मिले तत्काल दवा लेकर टीम को लोगों के घरों पर भेजें। उन्होंने कहा कि लोगों को अस्पताल में भर्ती करने या इलाज में लापरवाही की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। अन्यथा कठोर कार्रवाई होगी।



ननद-भाभी, पति-पत्नी अस्पताल में भर्ती
कुछ परिवार ऐसे हैं जिनके कई सदस्यों को डायरिया हुआ है। मोहल्ला खत्रीपाड़ा निवासी दीपक और उनकी पत्नी पूनम को डायरिया हो गया है। वहीं सराय तोताराम निवासी पूजा व उनकी भाभी प्रांसी डायरिया पीड़ित हैं। यह लोग 100 शैया अस्पताल में भर्ती हैं।




ये मिले नए मरीज
रिषभ चौधरियान, मनोज कसेरे मुगलान, श्यामबाबू, फैजान चौधरियान, आसिमा घोषीपाड़ा, शिशुपाल, अनम बरौलिया टोला, ताकिया ऊंचान, ममता, सिदरा बैसपाड़ा, दीपांशु नगाइचपाड़ा, सिया भानपाड़ा, आशिया सरायनूर आदि।



स्वास्थ्य टीम ने कैंप लगाकर 75 मरीजों को दी दवा
स्वास्थ्य विभाग की टीम इस घटना को लेकर बेहद सतर्क रही। अतरौली के साथ गंगीरी सीएचसी से डॉक्टरों की टीम बुलाई गई। मोहल्ला मुखरैयान में सीएचसी प्रभारी डॉ. अवनेंद्र यादव, डा. सोरन सिंह, डॉ सत्यप्रकाश ने कैंप लगाकर मरीजों का चैकअप किया। इस दौरान करीब 75 मरीज सामान्य बुखार, डायरिया की शिकायत के मिले। जिन्हें चेकअप के बाद दवा दी गई, जो गंभीर रोगी दिखे उन्हें सीएचसी भेजा गया।








नगर पालिका ने दुरुस्त कराई सफाई व्यवस्था, पेयज आपूर्ति बताई दुरुस्त

नगर पालिका की टीम ने नगर में विशेष सफाई अभियान चलाया। नगाइचपाड़ा, भानपाड़ा व आसपास के इलाकों की सफाई दुरुस्त की गई। ईओ अमिता वरुण, सहायक अभियंता अजीत यादव ने मोहल्लों में घर घर जाकर पानी चेक किया। लोगों को आश्वस्त किया कि पीने के पानी में कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने स्वयं लोगों के घरों से लेकर पानी पिया। नगर पालिका चेयरमैन वीरेंद्र सिंह लोधी ने कहा है कि हमारी कराई जांच में टंकी के पानी का नमूना पास आया है। डायरिया फैलने का कारण पानी नहीं कोई खाद्य सामग्री या अन्य वजह हो सकती है। हम नगर में शुद्ध जलापूर्ति और बेहतर सफाई व्यवस्था मुहैया करा रहे हैं।





खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम नहीं पहुंची
अतरौली में डायरिया फैलने की घटना के बाद भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम अभी तक अतरौली नहीं पहुंची। अंशुल भारद्वाज, वरुण चौधरी ने बताया कि मिठाई की अतरौली में दर्जनों दुकानें हैं । रक्षाबंधन पर हर दुकान पर घेबर बिक रहा है, ज्यादातर दुकानदार ऐसे हैं जिन्होंने कई दिन पहले ही घेबर तैयार कराकर बिक्री की। आशंका है कि घेबर या कोई अन्य दूध पनीर से बनी खाद्य वस्तु के घरों में पहुंचने के कारण यह हुआ हो। अश्वनी कुमार, हिमांशु ने आरोप लगाया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम न तो त्योहार से पहले न ही अब कस्बे में सैंपलिंग करने आई। डायरिया फैलने के कारण का स्पष्ट खुलासा होना चाहिए।






पेयजल टंकी की कराई सफाई, पानी उबाल कर पीएं: कमिश्नर


कमिश्नर संगीता सिंह ने बताया कि अतरौली में पेयजल आपूर्ति को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने के लिए मुख्य पेयजल टंकी की संपूर्ण सफाई का कार्य पूरा करा दिया गया है। एसडीएम को निर्देशित किया गया है कि पानी की गुणवत्ता एवं स्वच्छता पर सतत निगरानी रखें, ताकि किसी भी प्रकार का प्रदूषण न हो। डीएम से भी डायरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित लोगों के इलाज का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर आवश्यक दवाएं, ओआरएस पैकेट एवं जागरूकता सामग्री वितरित करें। लोगों से भी अपील है कि उबालकर या क्लोरीनयुक्त पानी का ही सेवन करें और किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
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