रसलगंज पुलिस चौकी के पास राशन लेने के लिए एकत्रित हुई महिलाएं।
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लॉक डाउन के बाद से शहर में प्रशासन और दानदाताओं की ओर से राशन बांटे जाने के पुण्यकाम के बीच अफवाहों का दौर भी जोर पकड़ रहा है। हर रोज शहर के किसी न किसी इलाके में मुफ्त राशन बंटने की अफवाह फैलने से अधिकारी परेशान हैं। मंगलवार को भी रसलगंज चौराहे पर राशन बंटने की अफवाह के चलते 30-40 महिलाएं पहुंच गईं। वह घंटों वहां इंतजार करती रहीं। बाद में पुलिस के समझाने पर वापस अपने घर को लौटीं।
इससे पूर्व रविवार को मीनाक्षी पुल के पास एक अपार्टमेंट के लोगों द्वारा राशन बांटे जाने की सूचना पर लोगों की भीड़ वहां पहुंच गई थी। यहां भी बाद में मजिस्ट्रेट के पहुंचने पर भीड़ को समझाकर वापस घर भेजा गया। जिला पूर्ति अधिकारी चमन शर्मा के मुताबिक इस प्रकार की अफवाह फैलाकर भीड़ को लॉक डाउन तोड़ने को मजबूर करने वाले लोगों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। ऐसे लोगों को चिह्नित किया जा रहा है।
लॉक डाउन के पहले दिन से जिले की जनता के बीच फैली खाद्य पदार्थों की कमी की अफवाह पर जिला प्रशासन ने लगाम लगाते हुए संदेश दिया है कि किसी भी जनपदवासी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। वर्तमान परिस्थितियों के हिसाब से जिला प्रशासन के पास खाद्य पदार्थों का इतना इंतजाम है कि वह इन हालातों में तीन माह तक जनता को खाना खिला सकते हैं। बस जनता को अफवाह पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। धैर्य बनाए रखने की आवश्यकता है।
जिला पूर्ति अधिकारी चमन शर्मा ने चेतावनी दी है कि जनता प्रशासन या संस्थाओं की ओर से बांटे जा रहे खाने को खाए, राशन की भी उचित व्यवस्था कर लें। मगर, किसी को भंडारण नहीं करने दिया जाएगा। प्रशासन की मिली जानकारी के अनुसार कुच लोग बार-बार राशन मुफ्त में पाने के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित करने का काम मोहल्ला कमेटी को सौंपा गया है। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दानदाताओं से अपील की गई है कि वह राशन-भोजन बांटने के दौरान भीड़ न लगाएं। जरूरतमंदों को घर-घर जाकर खाना और राशन उपलब्ध करा दें।