सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं शिक्षक पेंशनर एसोसिएशन के अध्यक्ष उदय राज सिंह कहते हैं कि कुछ कर्मचारी जानबूझकर व्यवधान पैदा करते हैं। इसकी कई बार शिकायत भी की गई है। उनकी परेशान करने की नीयत रहती है। कभी-कभी फीडिंग में लापरवाही के कारण भी यह समस्या आती है।
केस 1- जीवित प्रमाणपत्र दोबारा जमा किया
स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त बुजुर्ग पेंशनर सासनी गेट निवासी शकुंतला देवी कहती हैं कि कर्मचारियों ने पहले जीवित प्रमाणपत्र खो जाने की बात कही, जिसके कारण पेंशनरो को दोबारा प्रमाणपत्र जमा करने पड़े। उन्होंने सात नवंबर-2025 को जीवित प्रमाणपत्र जमा कर दिया था। अधिकांश पेंशनरों ने 20 से 22 नवंबर तक प्रमाण पत्र जमा किए थे।
केस-2- कहते हैं पेंशन आ जाएगी, बार बार खाता चेक करती हैं
मिथलेश शर्मा भी अपनी पेंशन न आने से परेशान हैं। वह कभी एटीएम में तो कभी मोबाइल में मैसेज चेक करके थक चुकी हैं। बुजुर्ग अवस्था में पेंशन से बड़ा सहारा है। दवाओं से लेकर दैनिक जरूरतों तक पेंशन से मदद मिलती है। पूछने पर कर्मचारी कहते हैं कि पेंशन डाल दी गई है, लेकिन चार-चार बार बैंक जाने के बाद भी पैसा नहीं आया है।