भाई ने बताया कि थाना रोरावर में तैनात सिपाही कुलवीर बाल्यान से मेरी बहन की मुलाकात हुई और दोनों एक दूसरे के अत्यधिक नजदीक आ गए। इस बारे में मेरी बहन ने मुझसे एवं परिवार वालों से कई बार उसका नाम लेकर शादी की इच्छा जाहिर की थी और मुलाकात कराने को कहा था। हमारे परिवार में 30 नवंबर को चाचा की लड़की की शादी थी। हेमलता ने कहा था कि शादी में शामिल होने के लिए छुट्टी लेकर आ रही हूं और साथ कुलवीर बाल्यान भी आएगा। हेमलता 10 दिन की छुट्टी लेकर देवठान पर घर आई थी। उस समय सभी घर वालों के सामने अपनी शादी की बात कुलवीर बाल्यान से करने को कही थी।
सिपाही की दरोगा से हुई बात, फिर शुरू किया हेमलता का शोषण
भाई ने आरोप लगाया कि सिपाही कुलवीर बाल्यान को हेमलला के दरोगा संदीप कुमार से संपर्क की जानकारी हुई और उसने दरोगा से बातचीत की। दरोगा और सिपाही ने मेरी बहन को मानसिक एवं भावनात्मक रूप से परेशान किया जाने लगा, इससे वह अवसाद में आ गई।
भाई ने बताया कि हेमलता ने 29 नवंब को करीब दोपहर 12-12:30 बजे पिताजी को फोन पर बताया कि मुझे छुट्टी मिल गयी है और मैं शादी में आ रही हूं। मेरे साथ कुलवीर बाल्यान भी आ रहा है, परन्तु दोपहर को करीब 2 बजे रोरावर थाना पुलिस के द्वारा मेरे पिताजी को सूचना दी गयी कि आपकी पुत्री ने आत्महत्या कर ली है। आप तुरंत आ जाओ। परिजन मृत्यु के कारण सदमे में आ गए, इसलिए रिपोर्ट दर्ज नहीं करा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमलता को दोनों के द्वारा लगातार शादी का दबाब देकर मानसिक, शारीरिक व भावनात्मक रूप से प्रताड़ित करके आत्महत्या करने की लिए उत्प्रेरित किया।
स्टेटस पर लिखा किसी को हर्ट नहीं करना चाहती हूँ मुझे माफ़ कर देना ...
भाई ने आरोप लगाया कि हेमलता को फोन से परिवारीजनों को जान से मारने की धमकी दी गयी थी, इसलिए उसने मजबूर होकर आत्महत्या करनी चाही। उसने अपने मोबाइल फोन पर स्टेटस लगाया कि किसी को हर्ट नहीं करना चाहती हूँ, मुझे माफ़ कर देना। जिससे ये स्पष्ट हो रहा है दोनों ने उसे मानसिक, शारीरिक एवं भावनात्मक रूप से परेशान किया जा रहा था।