दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन के चुनाव के दौरान कलेक्ट्रेट के बाहर जमा अधिवक्ता।
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दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन का प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव गुरुवार को शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हो गया। मतदान सुबह साढ़े आठ बजे से कलेक्ट्रेट स्थित बार सभागार में शुरू हो गया था। शाम तक 2243 में से 1953 मत पड़े। पूरे दिन हुए मतदान में किसी तरह के विवाद की खबर नहीं है। शुक्रवार को मतगणना के बाद ही स्थित साफ होगी।
जिले की सबसे महत्वपूर्ण बार के इस चुनाव के लिए पिछले काफी समय से कवायद चल रही थी। महत्वपूर्ण अध्यक्ष व सचिव पद के लिए 4-3 प्रत्याशी मैदान में हैं। दोनों पदों के लिए प्रत्याशियों में कांटे की टक्कर रही है। इसके अलावा वरिष्ठ व कनिष्ठ उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव के दो पदों व कोषाध्यक्ष पद के लिए भी काफी कड़ा मुकाबला है। संयुक्त सचिव का एक पद निर्विरोध हो चुका है। मतदान के लिए बुधवार को ही कलेक्ट्रेट बार सभागार में सभी इंतजाम कर लिए गए थे। निर्वाचन अधिकारी परवेज काजी व उनकी टीम और वर्तमान कमेटी के पदाधिकारियों ने मतदान केंद्र के अंदर की व्यवस्थाएं संभाल रखी थीं। गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे से यहां मतदान शुरू हो गया था। हालांकि सुबह दस बजे तक ज्यादा भीड़भाड़ का माहौल न था। मगर जैसे-जैसे धूप परवान चढ़ी वैसे-वैसे मतदान केंद्र के बाहर भीड़ बढ़ने लगी। दोपहर में कई सैकड़ा की संख्या में मतदाता व अधिवक्ताओं की भीड़ हो गई। हर वोटर को प्रत्याशी व उनके एजेंट अपने पक्ष में रिझाने की कोशिश में थे।
दोपहर में कचहरी में लंच के बाद भीड़ कुछ ज्यादा ही हो गई। इसके बाद जोश में प्रत्याशियों के समर्थकों के स्तर से नारेबाजी शुरू कर दी गई। इसे लेकर कुछ प्रत्याशियों के स्तर से ऐतराज भी जताया गया। माहौल गरम भी हुआ। मगर कुछ बुजुर्ग अधिवक्ताओं के हस्तक्षेप पर मामला शांत हो गया। इस दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम रहे। सीओ तृतीय संजीव दीक्षित, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस जावेद खान, एसओ लोधा, एसओ महिला थाना, पीएसी व क्यूआरटी के साथ कलेक्ट्रेट के बाहर ही रहे। दोपहर में एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव ने भी जायजा लिया। शाम साढ़े चार बजे तक चार बूथों पर हुए मतदान में कुल 2243 में से 1953 मत पड़े। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी स्तर से मतदान रोक दिया गया। बाद में आरओ द्वारा खुद मतपेटिकाएं सील करा दी गईं। साथ ही आरओस्तर से एलान किया गया कि शुक्रवार सुबह आठ बजे से मतगणना इसी स्थान पर शुरू होगी। इसके बाद मतपेटिका वाले कक्ष को पुलिस के हवाले करते हुए कमरे की चाभियां इंस्पेक्टर सिविल लाइंस के सुपुर्द कर दी गईं।
87 फीसदी से ज्यादा मतदान पर खिली कुछ की बांछें
इस मतदान को लेकर प्रत्याशियों के स्तर से वोटरों को दूरदराज से बुलाया गया था। सभी को पहले से सूचना थी। जो आ पाने में सक्षम न थे, उसके लिए भी इंतजाम किए गए थे। हालांकि मतदान के बाद मुकाबला त्रिकोणीय बनता दिख रहा है। मगर 87 फीसदी से ज्यादा मतदान से कुछ प्रत्याशियों के चेहरों पर अभी से मुस्कान देखने को मिल रही है।