महानगर के रामघाट रोड के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में काम करने वाले युवक ने मंगलवार को अपने कमरे में फांसी के फंदे से झूलकर जान दे दी। युवक मूलरूप से बदायूं का रहने वाला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक के शव को फंदे से उतारा। जानकारी जुटाकर उसके परिवार वालों को सूचित किया। पुलिस आत्महत्या का प्रेस प्रसंग से जोड़कर देख रही है। आत्महत्या के पीछे की वजह जानने की कोशिश को लेकर तफ्तीश जारी है।
मूल रूप से बदायूं जिले के थाना बिल्सी के नुरपुर का रहने वाला 24 साल का युवक प्रिंस वार्ष्णेय पुत्र अवनीश काफी समय से रामघाट रोड स्थित एक निजी हॉस्पिटल की पैथोलॉजी लैब में टेक्नीशियन का काम कर रहा था। वह हॉस्पिटल संचालक द्वारा अवंतिका कालोनी के मोड़ पर बनवाए जा रहे हॉस्पिटल परिसर के एक कमरे में रह रहा था।
वाकया मंगलवार दोपहर का है। युवक कमरे पर गया और काफी देर तक छत पर टहलने के बाद अचानक से जाकर कमरा अंदर से बंद करके खुद को फांसी के फंदे पर लटका लिया। इस बीच हॉस्पिटल स्टाफ को उसकी जरूरत पड़ी। स्टाफ ने फोन किया तो नंबर कई घंटी बजने के बाद भी नहीं उठा। इस पर स्टाफ का एक व्यक्ति युवक के कमरे पर पहुंचा। वहां दरवाजा खटखटाने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो खिड़की से झांककर देखा तो युवक फंदे पर लटका मिला। मौके पर पुलिस को बुलाया गया। इंस्पेक्टर क्वार्सी छोटेलाल के मुताबिक युवक का शव फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। फिलहाल उसकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। परिवार वालों को सूचना दे दी है। मामले की तफ्तीश जारी है।