अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में पेटेंट सेल बन गया है। अगर कोई शिक्षक पेटेंट फाइल करता है, तो उसका पूरा शुल्क विवि देगा। इसकी जानकारी कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने दी। वह शनिवार को वनस्पति विज्ञान विभाग की ओर से बौद्धिक संपदा अधिकार पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला व कौशल विकास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। विवि में इस विभाग की स्थापना के सौ साल पूरे हो गए हैं।
कार्यशाला के पहले दिन कुलपति ने कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार व्यापक है, जो लगभग हर क्षेत्र में लागू होता है। उन्होंने शिक्षकों को अन्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अन्य विभागों के सहयोग से बहु-विषयक अनुसंधान करने के लिए प्रोत्साहित किया। एएमयू की पूर्व छात्रा और नेक्स्टजेन, लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड की संस्थापक डॉ. नगमा अब्बासी ने पेटेंट फाइलिंग, लोगो डिजाइन और पादप विज्ञान के क्षेत्र में आईपीआर के अन्य पहलुओं के बारे में जानकारी की आवश्यकता पर जोर दिया।
फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंस के डीन प्रो. मोहम्मद अफजल ने प्रयोगशालाओं, स्टार्टअप्स और उद्योगों में उत्पादों के विकास में वृद्धि के बारे में बात की। वनस्पति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. एम बदरुज्जमा सिद्दीकी ने पेटेंट, डिजाइन, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और पौधों की विविधता अधिकारों के बारे में जानकारी दी। आयोजन सचिव प्रो. शम्सुल हयात ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रो. काजी फरीदद्दीन, यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक के इंजी. शमशाद अली आदि मौजूद रहे।