फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पर्वराज पर्युषण महामहोत्सव आज से, नहीं होंगे सामूहिक आयोजन

विज्ञापन
विज्ञापन
आज रविवार से जैन समाज का पर्वराज पर्युषण महामहोत्सव प्रारंभ हो रहा है। पिछले आठ से दस दशकों में ऐसा पहली बार होगा कि मुख्य मंदिरों में सामूहिक पूजा अभिषेक नहीं होंगे। मंदिर समितियों ने श्रावक श्राविकाओं से घरों में रहने की अपील की है। वहीं श्रद्धालुओं के लिए जैन लाफिंग ग्रुप आनलाइन कार्यक्रम करेंगे, जिसमें प्रतिभागिता करके श्रद्धालु भक्ति भावना को जाहिर कर सकेंगे। वहीं पारस और जिनवाणी चैनल पर सुबह साढ़े छह बजे से लेकर रात नौ बजे तक कार्यक्रम होंगे।
विज्ञापन

शनिवार को समाज के लोगों से वार्ता की तो बताया गया कि पिछले 100 सालों में ऐसा पहली बार हो रहा है कि कोरोना काल के चलते मुख्य मंदिरों में अभिषेक, शांतिधारा व पूजा जैसे सामूहिक कार्यक्रम नहीं होंगे। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन खंडेलवाल मंदिर पंचायत मंदिर और श्री लख्मीचंद पांड्या खंडेलवाल दिगंबर जैन ट्रस्ट में श्रद्धालुओं के पूजा, अभिषेक पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। सुबह साढ़े साढ़े पांच बजे से लेकर 11 बजे तक और शाम छह बजे से रात 9 बजे तक सिर्फ देव दर्शन की अनुमति श्रद्धालुओं को दी जाएगी। वह भी सामाजिक दूरी, मास्क और सैनिटाइजेशन के साथ। वहीं पारस और जिनवाणी पर सुबह साढ़े छह बजे से लेकर रात के नौ बजे तक कार्यक्रम प्रसारित होंगे। इनमें अभिषेक से लेकर आरती, प्रवचन रहेंगे। श्रद्धालु घर बैठकर पूजा अभिषेक देख पाएंगे और दोपहर व शाम को प्रवचन सुन पाएंगे। जबकि दशलक्षण धर्म के रंग लॉकडाउन के संग विषय पर जैन लाफिंग ग्रुप ने विभिन्न आनलाइन कार्यक्रम भी रखे हैं।
पर्युषण पर्व पर आनलाइन कार्यक्रम
पर्युषण पर्व पर 23 अगस्त को मंदिर सजाओ, 24 अगस्त को नृत्य प्रतियोगिता, 25 अगस्त को लाडू सजाओ, 26 अगस्त को धार्मिक हाऊजी, 27 अगस्त को लघु नाटिका, 28 अगस्त को अष्ट द्रव्य थाल सजाओ, 29 अगस्त को फैंसी ड्रेस, 30 अगस्त को इंद्र इंद्राणी प्रतियोगिता, 31 अगस्त को धार्मिक हाऊजी और एक सितंबर को कलश सजाओ प्रतियोगिता होगी। इनमें विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें