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पार्टी मनाने के लिए किया ब्लैक बक का शिकार

Thu, 07 Jul 2016 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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लैक बक - फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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थाना गंगीरी क्षेत्र के गांव शाहजाबाद के जंगल में ब्लैक बक का शिकार पार्टी मनाने के लिए किया गया था। वन विभाग के उच्चाधिकारी की इसी दिशा में मामले की जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी इसकी पुष्टि की है। पुलिस आरटीओ कार्यालय से शिकार में प्रयुक्त कार के मालिक के घर का पता निकलवा रही है।
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दुर्लभ वन्य जीवों की सुरक्षा मुद्दा को अमर उजाला द्वारा जोर शोर से उठाने के बाद वन विभाग ने वन क्षेत्र में जाने वाले रास्तों पर पुलिस की मदद से वाहनों की चेकिंग कराने का निर्णय लिया है।
थाना गंगीरी के शाहजाबाद क्षेत्र के जंगल में सोमवार को मारुति जैन कार सवार चार शिकारियों ने शेड्यूल वन में आने वाले दुर्लभ दो काले हिरनों का शिकार किया था। एक को वह अपनी कार में डाल ले गए, जबकि ग्रामीणों के आ जाने से दूसरे को वह छोड़ कर भाग गये थे। वन विभाग ने मामले की जांच वन दरोगा श्रीपाल सिंह को सौंपी है। बुधवार को वन क्षेत्राधिकारी अशोक निमेष ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच अधिकारी की रिपोर्ट मिलने के बाद मौका मुआयना किया।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार शिकारियों ने हिरण को पहले छाती (आगे की दोनों टांग के मध्य भाग) में गोली मारी। जब वह गिर गया तो उसका गला रेता गया। गला केवल डेढ़ इंच रेता गया था ताकि उसका खून निकल जाए। इन तथ्यों के आधार पर वन अधिकारियों मानना है कि शिकारी ब्लैक बक के मीट से दावत करना चाहते थे, इसी कारण ईद से पहले उसका शिकार किया गया। हालांकि वन विभाग की जांच में एक ही ब्लैक बक का  शिकार होने की बात निकलकर सामने आई है। वहीं शिकारियों का पीछा कर उनकी वीडियो रिकार्डिंग बनाने वाले अटा प्रधान के भाई सोमेश यादव का दावा है कि दो ब्लैक बक मारे गए हैं। एक को वह कार में डालकर ले गए।
पुलिस आरटीओ कार्यालय का रिकार्ड खंगाल रही
ब्लैक बक का शिकार करने वालों की तलाश में जुटी पुलिस ने आरटीओ कार्यालय से कार का रिकार्ड मांगा है। इंस्पेक्टर रमेशचंद्र यादव ने बताया कि शिकारियों का नाम पता जल्द ही मिल जाएगा। जिस कार से शिकार किया गया वह अबरार अहमद की है। अबरार के घर का पता आरटीओ कार्यालय में दर्ज है। यह जानकारी मिलते ही टीम बनाकर छापेमारी की जाएगी। वन दरोगा चौधरी श्रीपाल सिंह ने बताया कि कार सवार शिकारियों की तलाश में वन विभाग की भी टीम लगी हुई। 
ब्लैक बक का शिकार गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। जांच पड़ताल में सामने आया है कि दावत के लिए ब्लैक बक का शिकार किया गया था। पुलिस की मदद से जल्दी की मामले का खुलासा कर आरोपियों को जेल भिजवाया जाएगा। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भीकमपुर पुलिया, दादाें वाला रास्ते पर चेक प्वाइंट बनाए जाएंगे। वन क्षेत्र एरिया में पेट्रोलिंग का भी प्लान है।
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अशोक निमेष, वन क्षेत्राधिकारी
 
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