राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी में रविवार को नगर निगम के बोर्ड अधिवेशन में यात्रा भत्ते को लेकर पार्षदों ने जमकर हंगामा काटा। महापौर मोहम्मद फुरकान द्वारा तीन सदस्यीय समिति बनाकर समस्या के समाधान की पेशकश को पार्षदों ने ठुकरा दिया और अपनी सीटों पर खड़े होकर विरोध जताने लगे। बाद में नगर आयुक्त प्रेमरंजन सिंह ने तीन दिन में समस्या के निस्तारण के आश्वासन देकर शांत कराया। साढे़ चार घंटे तक चले अधिवेशन में सर्वसम्मति से 4.27 अरब रुपये का बजट पास हुआ।
रविवार को महापौर मोहम्मद फुरकान की अध्यक्षता में राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी में नगर निगम का बोर्ड अधिवेशन हुआ। जिलाधिकारी कैंप में बोर्ड अधिवेशन की कार्यवाही राष्ट्रीय गीत के साथ शुरू हुई। लेखा अधिकारी राजेश गौतम ने नगर निगम मूल बजट 2021-22 को बोर्ड के समक्ष पढ़ा।
उन्होंने बताया कि एक फरवरी 2021 को प्रारंभिक अवशेष 1311432487.19 रुपये है। बजट 2021-22 में अनुमानित आय 3518605600 रुपये है। कुल योग 4830038087.19 रुपया है। बजट 2021-22 का अनुमानित व्यय 4270450000 रुपया है। इसके बाद 4270450000 रुपये का बजट सर्वसम्मति ने पास कर दिया गया।
इससे पूर्व वार्ड 40 के पार्षद अनिल सेंगर ने यात्रा भत्ते का मामला उठाया। उनका आरोप था कि यह मुद्दा पूर्व में भी उठ चुका है, लेकिन हर बार टाल दिया जाता है। अन्य पार्षदों ने भी सहमति जताते हुए नगर निगम के अफसरों पर मनमानी के आरोप लगाए। उनका कहना था कि नियम होने के बावजूद अधिकारी मात्र अधिवेशन होने पर ही भत्ता देकर पार्षदों का हक मार रहे हैं। जबकि भत्ता हर माह बैठक के हिसाब से मिलना चाहिए। इस पर महापौर मोहम्मद फुरकान द्वारा तीन सदस्यीय समिति बनाकर समस्या के समाधान की पेशकश को पार्षदों ने ठुकरा दिया और अपनी सीटों पर खड़े होकर विरोध जताने लगे। बाद में नगर आयुक्त प्रेमरंजन सिंह ने तीन दिन में समस्या के निस्तारण के आश्वासन देकर शांत कराया।
अधिवेशन की समाप्ति से पहले महापौर मोहम्मद फुरकान व नगर आयुक्त प्रेम रंजन सिंह ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया। मेयर ने कहा कि नगर निगम सभी के सहयोग से महानगर के चहुंमुखी विकास को प्रयासरत है। नगर आयुक्त ने कहा कि बारहद्वारी प्रोजेक्ट की भांति पांच स्थानों पर जल्द कामर्शियल कांप्लेक्स बनवाने के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया तेज की जाएगी। इस मौके पर पार्षद व नगर निगम अधिकारी मौजूद रहे।
ये मुद्दे भी उठे
- पार्षदों का वेलफेयर फंड बनाया जाए, बजट एजेंडा 96 घंटे पूर्व पार्षद तक पहुंचने, बजट में हेड क्यों हटाए गए, पुनरीक्षित बजट को पास कराने का क्या औचित्य है, बजट में एक मद से दूसरे मद में परिवर्तित करने का अधिकार, यूजर चार्ज को बोर्ड द्वारा पास करने सहित कई मुद्दों पर पार्षदों ने राय व सुझाव दिए।