बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि मुसलमानों में दहशत पैदा की जा रही है। इन दिनों नफरत का वातावरण है। इसलिए उत्तर प्रदेश को जातिवादी और तानाशाही वाले भाजपा शासन से मुक्ति दिलाना है। करीब 29 मिनट के भाषण में मायावती ने भाजपा, कांग्रेस, सपा पर जमकर हमला बोला। वे रविवार को नुमाइश मैदान में वह अलीगढ़ मंडल के बसपा प्रत्याशियों के पक्ष में जनसभा को संबोधित कर रहीं थीं।
उन्होेंने कहा कि प्रदेश में धर्म के नाम पर तनाव और नफरत फैलाई जा रही है। बसपा की सरकार आएगी, तभी अमन चैन कायम होगा। सभी धर्मों, वर्गों के लोगों का विकास व उत्थान होगा। अन्याय, अपराध, भ्रष्टाचार का खात्मा होगा। नफरत के वातावरण से निकलकर प्रदेश में विकास का वातावरण पैदा हो सकता है। अलीगढ़ मंडल में आए दिन तनाव की स्थिति पैदा होती है। मुस्लिमों में दहशत पैदा की जाती है। उनकी सरकार में ऐसा नहीं होगा। हिंदू और मुसलमानों को लगेगा कि अपनी सरकार है। इससे डॉ. बीआर आंबेडकर व कांशीराम का सपना साकार होगा। मायावती ने कहा कि बसपा उत्तर प्रदेश के विधानसभा की सभी सीटों पर अकेले और दमदारी के साथ चुनाव लड़ रही है। पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाने के लिए पार्टी चुनाव लड़ रही है, ताकि वर्तमान में भाजपा के चल रहे जातिवादी, संकीर्ण, अहंकारी व तानाशाही शासन से मुक्ति मिल सके। बसपा ने पूर्व की तरह इस विधानसभा चुनाव में सर्व समाज के लोगों को अनुपात के हिसाब से टिकट दिया गया है। इसलिए कांग्रेस, भाजपा सपा, अन्य विरोधी दलों के बजाय बसपा को वोट देना चाहिए।
मायावती ने कहा कि वह चार बार सरकार में रहीं। बिना भेदभाव व पक्षपात के सर्व समाज के लोगों, व्यापारियों, वकीलों, मेहनतकश युवाओं, छात्रों, बेरोजगारों के लिए विकास-उत्थान किया है। बसपा सत्ता में आएगी तो युवाओं को रोजगार, रोजी-रोटी के साथ किसानों को भी निराश नहीं होने दिया जाएगा। पिछली बार गन्ना किसानों को बकाया भुगतान किया था। गन्ने का मूल्य दोगुना किया। इस बार सरकार आने पर किसानों को खेती के लिए सस्ते संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। केंद्र व प्रदेश सरकार के विवादित कानून को लागू नहीं होने दिया जाएगा। कानून का राज होगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार में गुंडों, बदमाशों व माफिया को जेल भेजा जाएगा। भाजपा सरकार में जाति, धर्म द्वेष की भावना से जेल में बंद लोग बाहर आएंगे। धरना-प्रदर्शन के नाम पर गलत धाराओं के मुकदमे जांच कराकर खत्म किए जाएंगे। सरकारी कर्मचारियों की समस्या को निपटाने के लिए आयोग का गठन किया जाएगा। ओपिनियन पोल व सर्वे गुमराह करने वाले हैं। इस बार भी 2007 की तरह इसे गलत साबित करें। अलीगढ़ मंडल को किसी भी मामले में निराश होने दिया जाएगा। वाजिब समाधान किया जाएगा। युवाओं को बसपा सरकार से उम्मीदें हैं।
पिछड़ा व अनुसूचित जाति विरोधी है कांग्रेस
मायावती ने कहा कि आजादी के बाद शुरू में लंबे समय तक केंद्र व उत्तर प्रदेश सहित अधिकांश राज्यों में कांग्रेस की सरकार रही है, लेकिन अपनी गलत नीतियों की वजह से अब यह पार्टी केंद्र के साथ उत्तर प्रदेश की सत्ता से बहुत पहले बाहर हो चुकी है। यह जातिवादी होने के साथ अनुसूचित जाति, आदिवासियों व पिछड़े वर्ग के लोगों की विरोधी पार्टी है। कांग्रेस ने डॉ. बीआर आंबेडकर को भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया, जिसके वह पात्र थे। कांशीराम के निधन पर केंद्र में रही कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया। बसपा ने अपने अथक प्रयासों से वीपी सिंह सरकार में मंडल कमीशन लागू कराया। इसी सरकार में डॉ. बीआर आंबेडकर को भारत रत्न उपाधि से सम्मानित किया गया। कांग्रेस हमेशा अनुसूचित जाति, आदिवासियों व पिछड़े वर्ग के लोगों की वोटों की खातिर नाटकबाजी करती है। कांग्रेस सत्ता में होती है तो उसके अच्छे दिन होते हैं लेकिन उसे इन वर्गों के लोगों का विकास-उत्थान याद नहीं आता और न ही महिलाओं के सशक्तिकरण की भी याद आती।
अखिलेश अनुसूचित जाति के प्रेमी नहीं, अवसरवादी हैं
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि सपा व भाजपा की सरकार में उत्तर प्रदेश की अधिकांश जनता दुखी रही। सपा सरकार में ज्यादातर गुंडों, बदमाशों, माफिया, लूट-खसोट, दंगा-फसाद करने वालों का ही राज रहा है। इस सरकार में प्रदेश में तनाव की स्थिति रही है। इस सरकार का विकास विशेष क्षेत्र व समुदाय विशेष तक सीमित रहा। अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्गों के साथ सौतेला व्यवहार रहा। संतों व महापुरुषों को सम्मान नहीं दिया गया। सपा सरकार में इनका हमेशा अनादर किया गया। अखिलेश सरकार में अनुसूचित जाति-जनजाति का आरक्षण खत्म कर दिया गया। सरकारी नौकरियों में पदावनत किया गया। बसपा शासनकाल में जो जिलों के नाम रखे गए थे, उनके नाम सपा सरकार में बदल दिए गए। इसी तरह पार्क व विश्वविद्यालय के नाम बदले गए। मायावती ने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अनुसूचित जाति के प्रेमी नहीं, बल्कि अवसरवादी हैं। इसलिए सपा को किसी भी कीमत पर सत्ता में नहीं आने देना है।
भाजपा की नीतियां आरएसएस की संकीर्ण विचारधारा की परिचायक हैं
मायावती ने कहा कि सपा सरकार हटने के बाद भाजपा सरकार आई। उससे उम्मीदें थीं कि वह सपा के फैसले को बदलेगी, लेकिन ऐसा नहीं किया। उसमें भी जातिवादी मानसिकता झलकती है। भाजपा को भी सत्ता में आने से रोकना होगा। प्रदेश में भाजपा सरकार की जो नीतियां, कार्यशैली, जातिवादी, पूंजीवादी सोच है, वह आरएसएस की संकीर्ण विचारधारा की परिचायक हैं। इस सरकार में विकास-उत्थान नहीं हो सका। प्रदेश में धर्म के नाम पर तनाव और नफरत का माहौल बन रहा है। प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं। महिला, अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न बंद नहीं हो रहा है। हाथरस कांड इसका उदाहरण है। बसपा शासनकाल में अनुसूचित जाति, आदिवासियों, मुस्लिमों के लिए जो योजनाएं चल रही थीं, उसका भाजपा शासनकाल में पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। मुस्लिमों के साथ पक्षपात रवैया अपनाया गया है। भाजपा सरकार में प्रबुद्ध वर्ग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। गलत आर्थिक नीतियों से महंगाई बढ़ी है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें बढ़ने से मुश्किल हो रही है। चुनाव के बाद इनकी कीमतें और बढ़ेंगी। केंद्र सरकार की गलत नीतियों से किसान परेशान और दुखी हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार न मिलने के इस सरकार में युवाओं का पलायन करना पड़ा है। कोरोना महामारी में हालत खराब है।