नवरात्र के पहले दिन रामघाट रोड एडीए कार्यालय स्थित मंदिर में दूर से पूजा करती महिला।
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परिस्थितियां विपरीत हों तो ऐसे में भी मनुष्य स्थितियों को अपने अनुकूल बना देता है। इसका प्रमाण बुधवार को नवरात्र के पहले दिन देखने को मिला। जब पंडित पूजा पाठ करवाने यजमानों के घर नहीं जा सके तो उन्होंने वीडियो कॉल और आडियो कॉल के जरिए पूजा पाठ करवाई। ऐसे में कई यजमानों ने अपनी दक्षिणा उधार रखी तो कई ने ऑनलाइन पेमेंट कर दक्षिणा दी।
शहर के विभिन्न इलाकों में पांडित्य कर्म करने वाले पंडितों ने विपरीत परिस्थिति में अनोखा तरीका निकाला। पंडितों ने यजमानों को फोन कर पूजा सामग्री इकट्ठा करवाई। पूजा स्थल तैयार करवाया और घट की स्थापना करवाई। वैदिक मंत्र फोन पर ही आडियो या वीडियो काल के जरिए पढ़े।
पूजा से लेकर अग्यारी तक मंत्र पढ़े तो उनको यजमानों द्वारा दक्षिणा देना भी स्वाभाविक था। ऐसे में जो पंडित ऑनलाइन नकद लेनदेन नहीं करते हैं, उनकीी दक्षिणा उधार कर दी। वहीं युवा वर्ग के पंडितों को यजमानों ने ऑनलाइन ही पेमेंट कर दक्षिणा दी। इससे भक्तों ने भी विधि विधान से पूजा अर्चना कर ली और कोई पंडित किसी के घर नहीं पहुंचा।