पिछले वित्तीय वर्ष की जिला योजना में पंचायत राज विभाग को एक धेला नहीं मिलने से 125 गांवों में पंचायत घर और अंत्येष्टि स्थलों का निर्माण नहीं हो सका। इस राशि के लिए साल भर तक जिला पंचायत राज अधिकारी और ग्राम प्रधान उम्मीद लगाए बैठे रहे। 31 मार्च 2022 को सरकार की ओर से स्पष्ट कर दिया गया कि इस साल इन कामों के लिए धनराशि नहीं मिल सकेगी। अब फिर से इन कामों के लिए मौजूदा वित्तीय वर्ष की जिला योजना में प्रस्ताव रखा जाना है। उसी के आधार पर अधिकारियों ने प्रस्ताव रख दिया है। जिसे जिला योजना में मंजूरी का इंतजार है।
जिले की 867 में से 125 ग्राम पंचायतों में पंचायत घर नहीं हैं। इन पंचायतों में पंचायत घरों तथा अंत्येष्टि स्थल का निर्माण करानेे के लिए पिछले वित्तीय वर्ष की जिला .योजना में 26 करोड़ 8 लाख रुपये का प्रस्ताव रखा गया था। जिसे जिला योजना समिति ने मंजूरी दे दी थी। उसी के आधार पर ग्राम प्रधानों ने पंचायत घरों के निर्माण के लिए जमीन का चयन कर लिया था। इसी के साथ - साथ श्मशान घाटों के उद्धार के लिए तैयारी भी कर ली गई थीं। इन सभी गांवों के प्रधानों को 31 मार्च को उस समय झटका लगा जब पता चला कि उनके गांव के लिए अब धनराशि नहीं मिलेगी। इन गांवों में भवनों का निर्माण न होने से कार्यालय स्थापित नहीं हो पा रहे हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी धनन्जय जायसवाल का कहना है कि जिले के सात गांवों में सीमेंटेड सड़क और ड्रेन का निर्माण कराया जाना था। इसके लिए प्रत्येक गांव में 40 लाख रुपये का प्रावधान है। इसके अलावा 125 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन बनाए जाने हैं। इनमें से प्रत्येक के लिए 17.46 लाख रुपये मंजूर किए गए लेकिन इनके लिए भी धनराशि नहीं मिली है ।
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 63167 शौचालयों का निर्माण किया जाना था लेकिन नहीं हुआ। इसी तरह सॉलिड लिक्विड वैस्ट मैनेजमेंट के तहत गांवों में 878 संयंत्र स्थापित कराने का भी प्रस्ताव था उनका भी निर्माण नहीं हुआ। इनके लिए धनराशि न मिलने के बारे में अधिकारियों का तर्क है कि विधानसभा चुनाव के कारण धनराशि नहीं मिल सकी। इस बार की जिला योजना में धनराशि मिलने की पूरी उम्मीद है।
जिला पंचायत राज अधिकारी का कोट
पिछले वित्तीय वर्ष की जिला योजना में धनराशि न मिलने के कारण पंचायत घर और श्मशान घाट (अंत्येष्टि स्थल) का निर्माण नहीं हो सका। इस बार पुन: जिला योजना में इन कामों के लिए धनराशि मांगी गई है, उम्मीद है कि धनराशि मिल सकेगी। धनन्जय जायसवाल, जिला पंचायत राज अधिकारी,