त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव इस बार कोरोना महामारी के बीच होने जा रहे हैं। देश में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है। प्रदेश में भारी संख्या में कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। मगर, संक्रमित व्यक्ति पंचायत चुनाव में वोट देंगे या नहीं, इसको लेकर अभी संशय बरकरार है। इस संबंध में जिला निर्वाचन कार्यालय को राज्य निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन का इंतजार है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने आचार संहिता व पंचायत चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। जिले में 29 अप्रैल को मतदान होना है। एक माह से भी कम समय बाकी है। कोरोना को लेकर प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार, पर्चा दाखिल करने, जनसभा करने आदि को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी हैं।
मगर, अभी तक कोरोना संक्रमित मतदाता वोट दे पाएंगे या नहीं, इसको लेकर फैसला नहीं लिया गया है। चुनाव में 80 वर्ष से अधिक के शारीरिक अक्षम मतदाताओं, दिव्यांग मतदाताओं को पोस्टल बैलेट से मतदान करने की भी सुविधा नहीं रहेगी। सरकारी नौकरी या अन्य किसी सेवा के चलते जिले, प्रदेश के बाहर रहने वाले मतदाता पोस्टल बैलेट का इस्तेमाल इस चुनाव में मतदान के लिए नहीं कर सकते हैं।
एक-एक वोट की होती है लड़ाई
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हमेशा से कांटे की टक्कर का रहा है। खासकर प्रधानी का चुनाव एक-एक वोट के परिणाम पर तय होता है। ऐसे में इस बार प्रत्याशियों के मन में भी कोरोना संक्रमित मतदाताओं के वोट देने या न देने की स्थिति को लेकर आशंका है। वह भी निर्णय आने का इंतजार कर रहे हैं।
कोरोना संक्रमित मतदाता वोट देंगे या नहीं, इसको लेकर अभी राज्य निर्वाचन आयोग ने कोई भी गाइडलाइन जारी नहीं की है। अगर, कोई भी गाइडलाइन आती है तो उसका पालन कराया जाएगा। प्रत्याशियों को उससे अवगत भी कराया जाएगा।
- कौशल कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी