बहु प्रतीक्षित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में किस पद पर क्या आरक्षण होगा, ये आने वाले कुछ दिनों में तय हो जाएगा। इसके बाद ही राजनीतिक गुणा भाग लगाया जा सकेगा। वर्ष 1995 में लागू आरक्षण को चक्रानुक्रम में लागू करने की बात हो रही है। शासन स्तर से गुरुवार को इस संबंध में दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आगामी 20 फरवरी से जिले में अलग-अलग पदों के आरक्षण की प्रक्रिया की शुरुआत होगी। 13 व 14 मार्च को इसका अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इस बार जिले में कुल 867 ग्राम प्रधान, 1156 क्षेत्र पंचायत सदस्य व 47 जिला पंचायत सदस्यों के लिए चुनाव होने हैं।
वर्ष 2015 में आखिरी पंचायत चुनाव हुआ था। पंचायतों के जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल पूरा हो चुका है लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते तयशुदा तारीखों से चुनाव को आगे बढ़ा दिया गया है। ये तारीखें आगे बढ़ने के साथ ही आरक्षण की सरगर्मी बढ़ा रही हैं। शासनादेश के मुताबिक पिछले पांच चुनाव में जो सीट आरक्षण के दायरे में नहीं थी, उनको प्राथमिकता के आधार पर आरक्षित किया जाएगा। वर्ष 2015 में जो पद जिस वर्ग में आरक्षित था, इस बार उस वर्ग में आरक्षित नहीं रहेगा। वर्ष 1995 से लेकर 2015 के तक के पांच चुनावों के आरक्षण को आधार मान इस बार का आरक्षण तय हो रहा है।
पद वर्ष 2015 वर्ष 2021
ग्राम पंचायत सदस्य 11464 10973
ग्राम प्रधान 902 867
क्षेत्र पंचायत सदस्य 1290 1156
जिला पंचायत सदस्य, 52 47
जिलास्तरीय फैसले
1- जिला पंचायत वार्ड में आरक्षण एवं आवंटन।
2- ब्लाक प्रमुख पदों का आरक्षण एवं आवंटन।
3- बीडीसी सदस्यों का आरक्षण व आवंटन
4- ब्लाकवार ग्राम पंचायत के प्रधान पदों का आवंटन
5- ग्राम पंचायत सदस्यों का आरक्षण एवं आवंटन।
आरक्षण ऐसे तय होगा
1- प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, बीडीसी एवं जिला पंचायत सदस्य का आरक्षण प्रस्ताव 20 फरवरी से पहली मार्च तक तय किया जाएगा।
2- आरक्षण प्रस्ताव की विस्तृत सूची का प्रकाशन दो से तीन मार्च के बीच होगा।
3- आरक्षण प्रस्ताव पर किसी भी नागरिक की आपत्तियां 4 से 8 मार्च के बीच ली जाएंगी।
4- आरक्षण प्रस्ताव की आपत्तियां 9 मार्च को डीपीआरओ कार्यालय में संकलित होंगी।
5- आपत्तियों का निस्तारण जिला स्तरीय समिति द्वारा 10 से 12 मार्च के बीच होगा।
6- आरक्षण की अंतिम सूची का प्रकाशन 13 से 14 मार्च के बीच होगा।
7- आरक्षण की अंतिम सूची 15 मार्च को पंचायती राज निदेशालय को भेज जाएगी।
शासन से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण को लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिलास्तरीय प्रक्त्रिस्या निर्धारित तारीखों में जिलाधिकारी के निर्देश पर पूरी होगी।
पारुल सिसौदिया, जिला पंचायत राज अधिकारी।