त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों से पहले क्षेत्र पंचायत सदस्यों का कार्यकाल बुधवार रात खत्म हो गया। कार्यकाल के अंतिम दिन इस वित्तीय वर्ष में कराये गए विकास कार्यों की ऐसी होड़ मची कि पीएफएमएस पोर्टल का सर्वर भी गड़बबड़ा गया। एक ही दिन में करोड़ों रुपये के भुगतान हो गए। भुगतान का क्रम देर रात तक चला।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पूर्व ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर को तथा जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल जनवरी में पूर्ण हो गया था। शेष बची क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल बुधवार रात 12 बजे खत्म हो गया। इसके साथ ही शासन स्तर से उनकी लॉगिन आईडी लॉक कर दी गई। लेकिन कार्यकाल खत्म होने से पूर्व ब्लॉक प्रमुखों और सदस्यों में वर्ष 2020-21 में कराये गए विकास कार्यों के भुगतान की होड़ मची रही। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिले के 11 ब्लॉकों में मंगलवार देर सांय तक 549 कामों का कुल 34688967 रुपये का भुगतान लंबित था। इसमें सबसे ज्यादा लंबित भुगतान 8869594 रुपये खैर ब्लॉक का था। जबकि चंडौस ब्लॉक का एक भी रुपये का भुगतान लंबित नहीं था। जिले के 12वें ब्लॉक इगलास में किसी विवाद के चलते इस साल के भुगतान या काम का ब्यौरा नहीं मिल सका। जिला पंचायत राज अधिकारी पारुल सिसौदिया ने बताया कि कार्यकाल के अंतिम क्षणों में क्षेत्र पंचायत में करोड़ों के भुगतान हुए हैं। इसकी वास्तविक धनराशि का आंकलन बृहस्पतिवार को ही हो पायेगा।