त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के वर्ष 1995 को आधार वर्ष मानकर आरक्षण नियत किये जाने पर उच्च न्यायालय लखनऊ द्वारा रोक लगाए जाने तथा शासन को वर्ष 2015 को आधार वर्ष मानकर आरक्षण तय करने के आदेशों ने कई दावेदार और उनके समर्थकों की बांछें खिला दी हैं। जानकारों के मुताबिक वर्ष 2015 को आधार वर्ष मानने से नई आरक्षण व्यवस्था आबादी को ध्यान में रखकर तय हो सकती है। फिलहाल जिला पंचायत राज विभाग को इस मामले में शासनादेश का इंतजार है।
अप्रैल में प्रस्तावित पंचायत चुनाव के लिये दो मार्च को पंचायतीराज विभाग ने प्रस्तावित आरक्षण सूची जारी की थी। इसमें बीडीसी, प्रधानी व जिला पंचायत सदस्य का प्रस्तावित आरक्षण तय किया गया था। चक्रानुक्रम में तय किये गये इस आरक्षण में वर्ष 1995 को आधार वर्ष मानते हुए पहले अनुसूचित जाति महिला, इसके बाद अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग महिला, पिछड़ा वर्ग, महिला व अनारक्षित श्रेणी का क्रम निर्धारित किया गया था। यह भी तय हुआ कि जिले की 867 ग्राम पंचायतों में से 69 पद एससी महिला, 122 एससी, 84 पद पिछड़ा वर्ग, 152 पद पिछड़ा वर्ग पुरुष तथा 141 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी। 299 पद अनारक्षित होंगे। पिछले पांच चुनावों में कभी आरक्षित न रहने वाली सीटों को प्राथमिकता से आरक्षित किया गया। इस पद्घति में कई ऐसी ग्राम पंचायत या वार्ड आरक्षित हो गए, जिनमें आरक्षित वर्ग के मात्र चार पांच ही घर थे या नाममात्र के ही वोटर थे। कई ऐसी पंचायत भी रहीं, जिनका आरक्षण नहीं बदला। इस पर जिले में 784 आपत्तियां दाखिल की गईं। इसमें प्रधान पद के लिये 689, जिला पंचायत सदस्य के लिये 58 एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिये 37 आपत्तियां शामिल थी।
12 मार्च को इन सभी आपत्तियों का निस्तारण करा दिया गया। लेकिन ऐन मौके पर उच्च न्यायालय लखनऊ ने इस प्रस्तावित आरक्षण पर रोक लगाते हुए वर्ष 2015 को आधार वर्ष मानते हुए नये सिरे से आरक्षण तय करने का फरमान सुना दिया। इससे पूर्व की व्यवस्था से नाखुश लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। एक जिला पंचायत सदस्य ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि नई व्यवस्था में आबादी के हिसाब से आरक्षण तय होगा। इससे वहां के लोगों द्वारा जताई गई आपत्तियां अपने आप कम हो जाएंगी। मसलन अतरौली को अनुसूचित जाति महिला वर्ग में आरक्षित कर दिया गया था। जबकि यहां पिछड़ी जातियों का बाहुल्य है। जिला पंचायत राज अधिकारी परुल सिसौदिया ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद अब आरक्षण मामले में शासनादेश का इंतजार किया जा रहा है। शासनादेश आते ही आरक्षण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
यह है जिले की स्थिति
867 ग्राम पंचायत
10973 ग्राम पंचायत वार्डों की संख्या
47 जिला पंचायत वार्डों की संख्या
1126 क्षेत्र पंचायत वार्डों की संख्या
1375 मतदान केन्द्र
2883 मतदान स्थल
1801575 मतदाता