त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जिला पंचायत राज विभाग द्वारा जारी अंतिम परिसीमन से कई उम्मीदवारों का गणित गड़बड़ा गया है। सबसे ज्यादा असर जवां, बरौली, गभाना एवं टप्पल को नई नगर पंचायत बनाने का पड़ा है। इससे 14 पंचायतें नगर निकाय में चली गई हैं। इसका असर चुनाव पर पड़ना तय है। इसको लेकर उम्मीदवार और उनके रणनीतिकार अपनी चुनावी रणनीति पर पुनर्विचार के लिए मजबूर हो गए हैं। जातीय समीकरण से लेकर राजनीतिक प्रभाव का आकलन करने के लिये नए सिरे से गुणाभाग किया जा रहा है। मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिये गोटियां सेट करने को लेकर माथापच्ची चल रही है। सभी को बेसब्री से आरक्षण का इंतजार है।
इन ब्लाकों के बदले समीकरण
अलीगढ़। नए परिसीमन का असर जिले के 12 में से दस ब्लाकों पर पड़ा है। गोंडा एवं अतरौली ब्लाक में बदलाव का असर नहीं है। गंगीरी, धनीपुर, जवां, बिजौली, लोधा, इगलास, चंडौस, खैर व टप्पल में बदलाव होने से चुनावी समीकरण भी बदल गए हैं।
ये गांव चुनावी परिदृश्य से गायब
धनीपुर, धौर्रामाफी, सारसौल, क्वार्सी, नगला मान सिंह, एलमपुर, जलालपुर गढ़िया, बरौला जाफराबाद, अलहदादपुर गढ़िया, रोरावर, असदपुर कयाम, पिसावा, चंडौस, मडराक, मईनाथ, शाहपुर, न्हौटी, कोठिया, मुकुंदपुर, पाली रजापुर, बरौली, फरीदपुर ततारगढ़ी, लहदोई, दहेली, गभाना, रामपुर, पनिहावर, सोमना, टप्पल, जवां सिकंदरपुर, जवां तथा रामपुर आदि।
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वर्ष 2015 की तुलना में बदलाव की स्थिति
- वर्ष 2015 में ग्राम पंचायत - 902, अब 867
- वर्ष 2015 में ग्राम पंचायत सदस्य -11464, अब 10973
- वर्ष 2015 में क्षेत्र पंचायत सदस्य -1290, अब 1156
- वर्ष 2015 में जिला पंचायत सदस्य - 52, अब 47
आपत्तियों के निस्तारण के बाद जिले के अंतिम परिसीमन की सूची जारी कर दी गई है। आरक्षण के संबंध में अब तक शासन से कोई निर्देश नहीं आया है। कोई भी कार्यालय आकर परिसीमन की स्थिति देख सकता है।
पारुल सिसौदिया, जिला पंचायत राज अधिकारी