त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के संबंधित क्षेत्र के आरक्षण घोषित होने का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। अनुमान के मुताबिक 15 जनवरी के बाद इसका फैसला उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग के माध्यम से शासन स्तर से हो सकता है। इस बार चुनाव में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य के लिए लगभग 80 लाख मतपत्रों का प्रयोग होगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष पूर्व की भांति ही जिला पंचायत सदस्यों के माध्यम से चुना जाएगा। हरा मतपत्र प्रधान, सफेद ग्राम पंचायत सदस्य, नीला मतपत्र क्षेत्र पंचायत सदस्य और गुलाबी मत पत्र जिला पंचायत सदस्य के निर्वाचन के लिए है। इन चुनावों में प्रयोग होने वाली नई मतपेटिकाओं में जिले में 2500 के सापेक्ष अब तक 750 पेटिकाएं आ चुकी हैं। जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि जल्द ही शेष मतपेटिकाएं भी मिल जाएंगी। परिसीमन के अनुसार आरक्षण भी जल्द ही घोषित होने की उम्मीद है।
गौर हो कि जिले में सर्वाधित चर्चा जिला पंचायत के चुनाव को लेकर है। जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर सरगर्मी बढ़ रही है। अभी तक पूर्व कबीना मंत्री एवं भाजपा सरकार में वर्तमान एमएलसी ठा. जयवीर सिंह ही इस कुर्सी के सबसे कुशल रणनीतिकार हैं। बीते दो दशकों से वह लगातार जिला पंचायत की राजनीति में सिरमौर हैं। वर्ष 2015 में ये जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी सामान्य वर्ग में आई थी, उसके पहले ये पिछड़ा वर्ग में थी। अब सभी को इसके नये आरक्षण का इंतजार है। जिसके बाद ही आगे की रणनीति तय हो पाएगी।