फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारतीय अर्थव्यवस्था के मुकाबले नहीं टिकता पाक, फिर भी दिखाता है आंखें

Mon, 18 Feb 2019 02:54 AM IST
राजेश सैनी इकराम वारिस, अलीगढ़
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : File Photo
विज्ञापन
भारतीय अर्थव्यवस्था के मुकाबले पाकिस्तान कहीं भी नहीं टिकता है। फिर भी आए दिन देश में नापाक हरकतें करने से बाज नहीं आ रहा है। अगर दोनों देशों के बीच युद्ध हो जाए, तो पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति चरमरा जाएगी। बुरी तरह से भुखमरी फैल जाएगी। वैसे भी पाक की माली हालत ज्यादा ठीक नहीं है। वह दूसरे देशों के रहमो-करम पर है। यह कहना है डीएस कॉलेज में ‘कौटिल्य अर्थशास्त्र एवं उसकी वर्तमान में प्रासंगिकता’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल होने आए देशभर विद्वान अर्थशास्त्रियों का।
विज्ञापन


अर्थशास्त्रियों के बोल

पाक की अर्थव्यवस्था संकुचित है : प्रो. रेड्डी
आकार और अर्थव्यवस्था में पाकिस्तान हमसे काफी पीछे है। उसकी आबादी 18 करोड़ तो यूपी की आबादी 20 करोड़ है। यह बात अलग है उसकी पहचान एक देश के रूप में है। भुखमरी और बेरोजगारी चरम पर है। भारतीय एक रुपये के बराबर पाकिस्तानी दो रुपये हैं। देश की अर्थव्यवस्था ग्लोबल है, जबकि पाकिस्तान की संकुचित व निर्धारित है।
-प्रो. ए रंगा रेड्डी, यूजीसी इमरेट्स फेलो व श्री वैंकटेश्वर विश्वविद्यालय तिरुपति, आंध्र प्रदेश

सर्जिकल स्ट्राइक बेहतर विकल्प : डॉ. राव
इस्लामिक देश के नाते पाकिस्तान से सऊदी अरब से इमदाद मिलती है। आमदनी का कुछ जरिया कृषि है। वहां विकास मॉडल की जरूरत है। मानवाधिकार फेल है। ऐसे में आर्थिक स्थिति कुछ ज्यादा ठीक नहीं है। अगर युद्ध हो जाए तो पाकिस्तान के लाहौर में 3-4 दिन में ही तिरंगा फहरा सकते हैं। फिर हमले की बजाय सर्जिकल स्ट्राइक बेहतर विकल्प है।  
विज्ञापन

- डॉ. पीएस राव, एडिशनल डायरेक्टर, सेंट्रल इंस्टीट्यूट रुरल इलेक्ट्रिफिकेशन

25 वर्षों में पाक बन जाएगी कॉलोनी : प्रो. सिंह 
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति डांवाडोल है। देश कर्ज में डूबा है और डूबा भी रहेगा। 25 वर्षों में चीन की कॉलोनी पाकिस्तान बनकर रह जाएगी। इस्लाम के दुष्प्रचार पर आधारित पाकिस्तान है। जिस तरह से पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों पर हमला हुआ, वह काफी निंदनीय है। केंद्र सरकार को अब निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है। 
- प्रो. एलएस सिंह, मगध यूनिवर्सिटी बोध गया, बिहार

अर्थव्यवस्था चरमराने की वजह होती है बेरोजगारी : प्रो. वर्मा
आतंकियों को पाकिस्तान प्रश्रय देता है। पाकिस्तान में कोई एक गिरोह ऐसे घिनौने काम को अंजाम दे रहा है। पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति की चरमराने की वजह बजट का काफी हिस्सा रक्षा पर खर्च होता है। इसलिए वहां बेरोजगारी पनपती है, जिसका फायदा आतंकी संगठन उठाते हैं। युवाओं को लालच देकर अपने संगठन से जोड़ने के फिराक में लगे रहते हैं।
विज्ञापन

- प्रो. एनएमपी वर्मा, कुलपति, बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें