सीमा पर बदले हालात ने उनके पाक जाने के अरमान ठंडे कर दिए हैं, जो किसी न किसी वजह से पाकिस्तान जाने की तैयारी में थे। अपने जिले में करीब 35 पाकिस्तानी नागरिक हैं, जिनकी खुफिया निगरानी सीमा पर माहौल गरम होने के बाद और ज्यादा सख्त कर दी गई है।
इसके पीछे की वजह है कि आईएसआई भारत में मौजूद हर पाक नागरिक का ब्योरा अपने पास रखती है और ऐसे माहौल में अंदेशा रहता है कि कहीं उनकी मदद से कोई नापाक हरकत न करा दे। मगर खुफिया निगरानी सख्त होने के बाद अब उनके टेलीफोनिक संपर्क भी बेहद कम हो रहे हैं। हालांकि इनमें उन महिलाओं की संख्या अधिक है, जो अपनी भारतीय ससुराल में हैं।
खुफिया सूत्रों के अनुसार करीब डेढ़ माह से पुराने रिकार्ड पर गौर करें तो हर दिन एक पाकिस्तानी यात्री का आना या जाना लगता रहता था। मगर डेढ़ माह से लगातार इस गतिविधि में कमी आई है। एक माह से तो एक भी रेजीडेंसियल परमिट बॉर्डर से जारी नहीं हुआ है।
खुफिया सूत्र इतना जरूर बताते हैं कि पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई ऐसे हर भारतीय का ब्योरा अपने पास रखती है जो भारत में बसा हुआ है। इस मकसद से उनकी निगरानी इन दिनों बढ़ा दी गई है। अब तो हर दिन उनकी गतिविधि जानी जा रही है।
अलीगढ़ में रह रहे पाकिस्तान मूल के 35 लोगों को भारत की स्थायी नागरिकता का इंतजार है। शमीम अख्तर जेएन मेडिक ल कॉलेज में कार्यरत, नाजिम बेग हाल पता जमालपुर हमदर्द नगर, नसरीन अख्तर पत्नी मोनिसुररहमान हाल पता ऊपरकोट, फरजाना सईद पत्नी मुसर्रफ अली हाल पता हमदर्द नगर बी, अमरीन खान हाल पता बदरबाग कालोनी, इश्तियाक खां निवासी जमालपुर हमदर्द नगर बी, कौसरजहां पत्नी अहमद अली निवासी जवां कासिमपुर और सलमा पत्नी हाफिज वकार निवासी खाईडोरा जयगंज सहित लगभग 35 लोगों ने भारत की स्थायी नागरिकता के लिए आवेदन कर रखा है।
हर साल गृह मंत्रालय में इनका आवेदन और ब्यौरा जाता है, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ती है। इनको अपना वीजा बार-बार बढ़वाना पड़ता है। पाकिस्तान में किसी काम से जाने पर भी इनको बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। अब ये हिंदुस्तान की माटी में रच बस गए हैं इसलिए इनकी रगों में हिंदुस्तान ही बसता है।
इस विषय पर खुफिया एजेंसियों को अलर्ट कर रखा है। लगातार एलआईयू के माध्यम से जिले में मौजूद विदेशी नागरिकों की निगरानी कराई जा रही है। शासन के निर्देश व नियमों का पालन कराया जा रहा है।
-राजेश पांडेय, एसएसपी