अलीगढ़। पद्मभूषण गोपालदास नीरज ने मंगलवार दोपहर को अपनी देह दान करने की इच्छा को मूर्तरूप दे दिया। उन्होंने अपने घर ही देह दान का फार्म भर कर उस पर अपने अमर हस्ताक्षर कर दिए। अब उनके परिजनों की ओर से एक शपथ पत्र जमा कराया जाएगा जिसमें उनकी सहमति होगी। जीवन हास्पिटल के संचालक और आईएमए के सचिव डा. जयंत शर्मा और डा. दिव्या लहरी ने बताया कि हास्पिटल से जुड़ी हुई देह दान कर्तव्य संस्था की पहल है कि समाज के प्रबुद्ध वर्ग से कुछ लोगों को आगे लाया जाए जिससे अंग दान और देह दान को बढ़ावा दिया जा सके।
इससे कुछ जरूरतमंदों को बेहतर जीवन दिया जा सकेगा और मेडिकल की पढ़ाई करने वालों को एनाटॉमी को समझने में मदद की जा सकेगी। नीरज जी से इस संबंध में संपर्क किया गया तो वह सहर्ष तैयार हो गए। मंगलवार को डा. जयंत शर्मा उनके जनकपुरी स्थित आवास पर पहुंचे और फार्म भर कर दिया, जिस पर नीरज जी ने हस्ताक्षर कर दिए। अब बाकी की कुछ औपचारिकताएं जल्द ही पूरी कर ली जाएंगी।
डाक्टर दंपति ने बताया कि वह दोनों साल 1989 में मेरठ मेडिकल कालेज के लिए अपनी देह दान कर चुके हैं। इस मौके पर लाल बहादुर शास्त्री कन्या महाविद्यालय के प्रबंधक अशोक सक्सेना ने देह दान करने का संकल्प लिया। इस मौके पर डा.एसके गौड़, राजाराम मित्र, हितेश छावड़ा, डा. डीके वर्मा, रजत सक्सेना आदि मौजूद रहे।
गौर हो कि इससे पहले नीरज जी ने एक बार अपने घर पर लाइब्रेरी बनाने की इच्छा भी व्यक्त की थी। क्योंकि उनके पास हजारों अनमोल पुस्तकों को विरला खजाना है। इस बाबत नीरज जी ने कहा कि उन्हें हर्ष है कि वह अपने शरीर से कुछ लोगों के लिए अध्ययन में मदद कर पाएंगे। उन्होंने देह दान कर्तव्य संस्था का संरक्षक बनने पर भी सहमति जताई है।