पाकिस्तान के ईदी फाउंडेशन की मदद से भारतीय मूल की गीता सोमवार दोपहर भारत वापस आई। उनके साथ फाउंडेशन के पांच सदस्य भी आए हैं। अब गीता का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा ताकि उसे सही परिजनों के हाथों सुपुर्द किया जा सके। गीता की वतन वापसी के बाद पाकिस्तान में फंसे जयगंज पठानान मोहल्ले के सलमान के परिजन भी उत्साहित हैं। सलमान इक्कीस साल से कराची में है और उसकी वतन वापसी एक अदद पासपोर्ट पर अटक गई है। सोमवार को केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में सलमान के प्रकरण का जिक्र किया है।
विदेश मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि सलमान भी जल्द ही भारत लौटेगा। भारत सरकार इसका पूरा प्रयास करेगी। सलमान के पिता हाफिज वकार ने बताया कि सोमवार को केंद्रीय विदेश मंत्री की कार्रवाई के बाद हरकत में आए प्रशासन ने उनकी खैरखबर ली। एडीएम सिटी के निर्देश पर एलआईयू के अफसरों ने उन्हें आफिस बुला कर उनसे पूछताछ की है।
जिसमें उनकी पत्नी सलमा की भारतीय नागरिकता और सलमान की वापसी के लिए कुछ जरूरी कागजात मांगे गए। वकार ने बताया कि वह जल्द ही पुलिस प्रशासन को ये कागजात सौपेंगे। इसके वो पासपोर्ट अहम दस्तावेज है जिसमें पाकिस्तान जाते वक्त सलमान का भी लिखित में जिक्र किया गया है।
वकार ने कहा कि वह भी गीता की तर्ज पर डीएनए कराने को तैयार हैं ताकि साबित हो सके कि सलमान उनका ही बेटा है। इधर, सलमान के भाई ने ईदी फाउंडेशन से दिल्ली में मिलने के लिए संपर्क किया है ताकि कराची में उसके कागजात बनवाने में मदद मिल सके। गौर हो कि 18 जून 2013 से अमर उजाला लगातार सलमान की वतन वापसी को प्रमुख मुद्दा बनाए है।