कवि अशोक अंजुम ने शेखाझील की हालत पर चिंता जताई। पक्षियों और नीरज को समर्पित रचना सुनाई- हरी भरी धरा रहे, खिला-खिला गगन, आओ करें जतन, मिलकर करें जतन...।
गीतकार पद्मश्री नीरज की याद में 5 जनवरी को शेखाझील में झील के किनारे पौधे रोपे गए। कवि अशोक अंजुम, हरितिमा संस्था के अध्यक्ष सुबोध नंदन शर्मा, नीरज के पीआरओ रहे राम सिंह ने शेखाझील में नीरज की जयंती मनाई।
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कवि अशोक अंजुम ने शेखाझील की हालत पर चिंता जताई। पक्षियों और नीरज को समर्पित रचना सुनाई- हरी भरी धरा रहे, खिला-खिला गगन, आओ करें जतन, मिलकर करें जतन...। सुबोध नंदन शर्मा ने बताया कि नीरज ने कई साल यहां आकर अपना जन्मदिन मनाया। झील के उत्थान के लिए काफी प्रयास किया।
पक्षी विहार के लिए भी ख्वाजा हलीम से लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री तक से बात की थी। इस दौरान उनकी याद में बरगद, पीपल, अशोक और पिलखुन के पौधे लगाए गए। इस मौके पर व्यवसायी अजय लिथो, डिप्टी रेंजर संजय सिंह, मोहम्मद इशाक आदि मौजूद रहे।