कोरोना मरीजों के उपचार के लिए जिले में ऑक्सीजन की किल्लत मची है। निजी अस्पताल मरीजों को भर्ती करने से पहले तीमारदारों से ऑक्सीजन की व्यवस्था करने की बात कहते हैं। दीनदयाल जैसे सरकारी अस्पताल में हर दिन ऑक्सीजन की किल्लत के कारण मरीजों की सांस उखड़ रही हैं। मगर, किल्लत के बीच दो ‘बिचौलिये’ मौज काट रहे हैं।
कासिमपुर स्थित राधा गैस प्लांट पर यह ‘बिचौलिये’ मुस्तैद हैं। इनकी करतूत का वीडियो भी मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद भी जिम्मेदार मौन धारण किए हैं, जबकि दोनों व्यक्ति सत्ता से लेकर प्रशासनिक गलियारों के लिए नये नहीं हैं। आलम यह है कि इनके कद के आगे जरूरतमंदों के पक्ष में की जा रहीं सत्ताधारी माननीयों और कुर्सी धारी अधिकारियों की सिफारिशें भी बौनी साबित हो रही हैं।
राधा गैस प्लांट के लिए यह है प्रशासन की व्यवस्था
ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए जिला प्रशासन ने कई नियम तय किए हैं, जिससे कालाबाजारी रुके और जरूरतमंद को गैस समय से मिले। तीमारदारों को सीधे ऑक्सीजन गैस सिर्फ कासिमपुर के राधा गैस प्लांट से आपूर्ति की जा रही है। यहां पर मरीज का सीटी स्कैन/डाक्टर का पर्चा/कोविड जांच रिपोर्ट लेकर पहुंचना होता है।
यहां सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक नायब तहसीलदार कोल मनीष कुमार व लिपिक शुभम कुमार को तैनात किया है। तीन से रात 11 बजे तक नायब तहसीलदार गभाना संदीप चौधरी, लिपिक देवेश कुमार को तैनात किया है। रात 11 से सुबह सात बजे तक नायब तहसीलदार इगलास प्रवेश कुमार व लेखपाल नरेंद्र मित्तल को तैनात किया है।
पर्यवेक्षण के लिए एसडीएम स्तर के अधिकारी एसएलओ संजीव ओझा को सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक व रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक डिप्टी कलेक्टर संदीप केला को तैनात किया गया है। इसके अलावा एडीएम न्यायिक राकेश पटेल को नॉन कोविड अस्पतालों व निजी एंबुलेंस को ऑक्सीजन आपूर्ति कराने की जिम्मेदारी सौंपी है।
वीडियो वायरल फिर भी प्रशासन मौन
कासिमपुर स्थित राधा गैस प्लांट के बाहर एक ‘बिचौलिया’ जो मुंह पर पीले रंग का मास्क लगाए है। वह प्लांट पर प्रशासनिक व्यवस्था संभालने की बात कहता है। वीडियो बनाने वाला व्यक्ति उक्त ‘बिचौलिया’ से उसका नाम पूछता है तो वह सहम जाता है और बिना नाम बताए ही प्लांट के भीतर जाने लगता है।
लोग उससे पूछते हैं कि वह किस हैसियत से वहां पर व्यवस्था संभाल रहा है तो वह जवाब नहीं देता और प्लांट के भीतर चला जाता है और मुख्य गेट को बंद कर देता है। इसके बाद कुछ अन्य लोग उक्त व्यक्ति पर मनमानी करने, कालाबाजारी करने और जरूरतमंदों के बजाए अपने चहेतों को गैस देने का आरोप लगाते हैं। एक व्यक्ति वीडियो में यह बताता दिख रहा है कि वह तीन दिन से ऑक्सीजन के लिए चक्कर काट रहा है। मगर, उसको गैस नहीं दी जा रही है।
सिस्टम पर इतने भारी कैसे हुए ‘बिचौलिया’
दो ‘बिचौलिया’ महामारी के इस दौर में ऑक्सीजन जैसी आवश्यक चीज की आपूर्ति में इतने सक्रिय कैसे हो गए हैं। यह सवाल इस समय प्रशासन से लेकर माननीयों के गलियारों में खूब उछल रहा है। कुछ सत्ताधारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने कई जरूरतमंदों की सिफारिश के लिए फोन किया। मगर, गेट पर पहुंचने पर व्यक्ति को ‘बिचौलियों’ द्वारा रोक दिया गया। यही आलम प्रशासन के अधिकारियों द्वारा की गई सिफारिशों के साथ भी है।
‘बिचौलिया’ व्यवस्था पर विधायक ने ये उठाए सवाल
कोल क्षेत्र से भाजपा विधायक अनिल पाराशर ने बुधवार को इस प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा नियत अधिकारी मौके पर नहीं थे। पुलिस के भी मात्र दो सिपाही थे। ऐसा लग रहा था कि ऑक्सीजन प्लांट संचालक पर किसी का दबाव है।
वहां दो ‘बिचौलियों’ के कॉकस का कब्जा साफ दिखाई देता है। अलीगढ़ के अलावा बुलंदशहर, हरियाणा, दिल्ली, गाजियाबाद नंबर तक की गाड़ियां गैस लेने आ रही हैं और ‘बिचौलिया’ कॉकस के इशारे पर उन्हें गैस मिल जा रही है।
कुल मिलाकर कोविड के इस दौर में प्रशासन को गैस वितरण में पारदर्श्ता लाने के लिए अफसरों की तैनाती करनी थी। मगर वहां लग रहा है कि सब कुछ दबाव में चल रहा है, यह गलत है। लोगों को गैस तो मिल रही है, मगर उस मानक प्रतिशत या पारदर्शिता से नहीं, जो मिलनी चाहिए।
- राधा गैस प्लांट, कासिमपुर पूरी तरह से मेरे निर्देशन में संचालित हो रहा है। वहां अगर कोई व्यवस्था बना रहा है तो अच्छी बात है। मगर, गैस देने के नाम पर कालाबाजारी कर रहा है ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। कोई शिकायत देता है तो इस विषय में जांच कराई जाएगी।
- विनीत कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट