स्वास्थ्य विभाग कोरोना महामारी के दौर में जरा भी संवेदनशील नहीं है। हर रोज नये कारनामे सामने आ रहे हैं। मंगलवार को दीनदयाल स्टाफ व मरीज की बेटी का ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें मरीज की देखभाल के नाम पर दो हजार रुपये प्रतिदिन मांगे गए।
इसके बाद बुधवार को कंट्रोल रूम में एक शिकायत हुई, जिसमें जिला अस्पताल की महिला डाक्टर पर साढ़े सात हजार रुपये में रेमडेसिविर इंजेक्शन दिलवाने का आरोप है। इन दोनों मामलों को प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता के साथ लिया गया है। दोनों में जांच बैठा दी गई है।
ईडीएम मनोज राजपूत ने बताया कि जिलाधिकारी के कंट्रोल रूम में एक व्यक्ति ने शिकायत बुधवार को की। इसमें उसने महिला डाक्टर जो जिला अस्पताल में तैनात है। उस पर आरोप लगाए हैं कि वह साढ़े सात हजार रुपये में रेमडेसिविर इंजेक्शन दिलाने का सौदा कर रही है।
इस मामले में कमिश्नर गौरव दयाल की ओर से एसीएम प्रथम केबी सिंह को जांच सौंपी गई है। इधर, दीनदयाल अस्पताल में भर्ती एक महिला मरीज की देखभाल के नाम पर उसकी बेटी से दो हजार रुपये मांगने की ऑडियो वायरल होने पर प्रभारी डीएम अंकित खंडेलवाल की ओर से एसडीएम कोल रंजीत सिंह को जांच सौंपी गई है।